पराली जलाने पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर 5 नवंबर को सिहोरा में किसान जन आक्रोश रैली एवं धरना प्रदर्शन।
अखिल भारतीय ओबीसी महासभा एवं ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में निकलेगी रैली,राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा सहित ओबीसी महासभा का पूर्ण समर्थन,किसानों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील।
सिहोरा। किसानों की समस्याओं और पराली जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर 5 नवंबर, गुरुवार को सिहोरा में किसान जन आक्रोश रैली, धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है। यह आंदोलन अखिल भारतीय ओबीसी महासभा एवं ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसे ओबीसी महासभा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।
आयोजित कार्यक्रम के तहत 5 नवंबर को बाबाताल, सिहोरा से किसानों की रैली निकाली जाएगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड सिहोरा पहुंचेगी। यहां किसानों की विभिन्न समस्याओं और विशेष रूप से पराली जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा। इसके पश्चात संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर किसानों की मांगों से अवगत कराया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि खेती-किसानी पहले से ही अनेक चुनौतियों से जूझ रही है। किसानों को फसल उत्पादन की लागत, खाद-बीज, डीजल, मजदूरी और कृषि संबंधी अन्य खर्चों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पराली के निपटान को लेकर किसानों के सामने व्यावहारिक समस्याएं खड़ी हो रही हैं। किसानों की मांग है कि पराली के उचित प्रबंधन के लिए प्रभावी और सुलभ व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए तथा पराली जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध के संबंध में किसानों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।
आंदोलन के माध्यम से शासन-प्रशासन तक किसानों की आवाज पहुंचाने और उनकी समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने कहा कि किसानों की आजीविका और खेती से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। किसानों को केवल प्रतिबंधों के दायरे में रखने के बजाय पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी, संसाधन और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
इस जनआक्रोश रैली एवं आंदोलन को सफल बनाने के लिए नोकेलाल प्रजापति, एडवोकेट इंद्र कुमार पटेल, दिलीप काछी ओबीसी, जितेन्द्र कुमार कुर्मी, प्रदीप पटेल, संत कुमार पटेल, प्रमोद पटेल, कैलाश पटेल, अजीत पटेल, उमेश पटेल, रामराज पटेल, छोटे पटेल, संतराम पटेल, एडवोकेट दिलीप पटेल, रंजीत पटेल, अकलेश पटेल, लखन पटेल, विनोद पटेल, अतुल पटेल, सुरजीत पटेल, दीपक पटेल, राजा पटेल, राजेश यादव, सुनील विश्वकर्मा, घनश्याम यादव, राजेश पटेल, उमेश पटेल, दीपक यादव, गणेश पटेल, अजय पटेल, संदीप पटेल, कप्तान, गोकुल, हरिप्रसाद पटेल, बीरेंद्र पटेल, मुकेश पटेल एवं आनंद पटेल सहित समस्त टीम द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।
आयोजकों एवं आंदोलन से जुड़े पदाधिकारियों ने क्षेत्र के समस्त किसान भाइयों, किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे 5 नवंबर, गुरुवार को बाबाताल सिहोरा से निकलने वाली किसान जन आक्रोश रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर किसानों की जायज मांगों को मजबूती प्रदान करें। उन्होंने सभी से आंदोलन में सहयोग करने और निर्धारित कार्यक्रम में समय पर पहुंचने का आग्रह किया है।
आयोजकों ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। किसानों के हितों और उनके अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर सभी किसान संगठनों एवं क्षेत्रवासियों की सहभागिता महत्वपूर्ण है।


