सिलौंडी-अम्हेटा मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल,कीचड़ और जलभराव से जनजीवन बेहाल।

सिलौंडी-अम्हेटा मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल,कीचड़ और जलभराव से जनजीवन बेहाल।

खराब सड़क और पानी निकासी की समस्या से विद्यार्थी,किसान,मरीज और वाहन चालक परेशान,शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी।

सिलौंडी। सिलौंडी से अम्हेटा को जोड़ने वाला लगभग दो किलोमीटर लंबा मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। लगातार बारिश के चलते सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि इस मार्ग से पैदल निकलना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। जगह-जगह कीचड़, जलभराव और फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार आए दिन वाहन फिसलने से चालक घायल हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद मार्ग के सुधार अथवा निर्माण की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि सिलौंडी-अम्हेटा मार्ग आसपास के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। इसी मार्ग से किसान अपने खेतों तक पहुंचते हैं, ग्रामीण आवश्यक कार्यों के लिए सिलौंडी आते-जाते हैं और विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज जाने के लिए इस सड़क का उपयोग करते हैं। वर्तमान में सड़क की खराब हालत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

स्थानीय लोगों सुशील अवस्थी, अभिषेक पटेल, अजय काछी और सतीश काछी ने बताया कि अम्हेटा से लगभग 50 से 60 विद्यार्थी प्रतिदिन पढ़ाई के लिए सिलौंडी जाते हैं। बारिश के दिनों में सड़क पर अत्यधिक कीचड़ और पानी जमा हो जाने के कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि विद्यार्थियों को स्कूल जाने के बजाय घर पर ही रुकना पड़ता है। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क के दोनों ओर बनी नालियों के ऊपर जगह-जगह अतिक्रमण होने के कारण बारिश के पानी की निकासी बाधित हो गई है। नालियों से पानी बाहर नहीं निकल पाने के कारण बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। लगातार बारिश होने पर यही पानी कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे सड़क पर फिसलन और बढ़ जाती है। दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर गिर रहे हैं और कई लोगों को चोटें भी लग चुकी हैं।

सबसे अधिक परेशानी गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाने के दौरान होती है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब मार्ग और जलभराव के कारण एंबुलेंस अथवा अन्य वाहनों को भी काफी कठिनाई होती है। आपात स्थिति में मरीज को समय पर स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल तक पहुंचाना चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों से सीधे जुड़ी हुई है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मार्ग की समस्या को लेकर कई बार शिकायतें जिला स्तर तक पहुंचाई जा चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क के सुधार अथवा निर्माण कार्य को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि बारिश के दौरान समस्या और गंभीर होने के बावजूद जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की ओर से स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का शीघ्र निर्माण या मजबूतीकरण नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और बढ़ सकती है। बारिश के कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और मार्ग पर आवागमन जोखिम भरा बना हुआ है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से सिलौंडी से अम्हेटा मार्ग का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने, सड़क पर जलभराव की समस्या दूर करने और नालियों से अतिक्रमण हटाकर पानी की समुचित निकासी सुनिश्चित कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क का स्थायी समाधान होने से विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

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