एमपी की भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह का पति नरेंद्र मरावी से तलाक,शादी के करीब 9 साल बाद हुआ कानूनी अलगाव।

 एमपी की भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह का पति नरेंद्र मरावी से तलाक,शादी के करीब 9 साल बाद हुआ कानूनी अलगाव।

आपसी सहमति से राजेंद्रग्राम जिला न्यायालय ने पारित की विवाह विच्छेद की डिक्री,2021 से अलग रह रहे थे दोनों,बेटी के साथ रहेंगी सांसद।

मध्यप्रदेश के शहडोल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र मरावी का वैवाहिक संबंध अब कानूनी रूप से समाप्त हो गया है। दोनों के बीच लंबे समय से चल रहे मतभेदों के बाद आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया पूरी हुई। अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम स्थित जिला न्यायालय ने 3 सितंबर 2026 को दोनों के विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी। इस तरह 23 नवंबर 2017 को विवाह बंधन में बंधे हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी करीब नौ वर्ष बाद कानूनन अलग हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का विवाह 23 नवंबर 2017 को राजेंद्रग्राम में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। विवाह के बाद दोनों राजेंद्रग्राम में साथ रहने लगे थे। शुरुआत में वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर मतभेद और विवाद बढ़ने लगे। समय के साथ स्थिति ऐसी हो गई कि दोनों ने अलग-अलग रहना शुरू कर दिया।

दोनों के वैवाहिक जीवन से एक बेटी भी है। 20 जून 2019 को बेटी गिरिशा सिंह का जन्म हुआ। बाद में पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने के कारण दोनों एक-दूसरे से अलग रहने लगे। बताया गया है कि वर्ष 2021 से दोनों अलग रह रहे थे। लंबे समय तक अलग रहने के बाद हिमाद्री सिंह ने विवाह विच्छेद के लिए न्यायालय का रुख किया।

न्यायालय में प्रस्तुत याचिका में हिमाद्री सिंह की ओर से कहा गया कि उनका वैवाहिक जीवन समाप्त हो चुका है और अब पति-पत्नी के रूप में साथ रहने की कोई संभावना नहीं है। लंबे समय से अलग रहने तथा वैवाहिक संबंधों के सामान्य रूप से आगे नहीं बढ़ पाने की स्थिति को देखते हुए विवाह विच्छेद की मांग की गई। नरेंद्र मरावी की ओर से भी तलाक पर सहमति व्यक्त की गई।

दोनों पक्षों की सहमति के बाद राजेंद्रग्राम जिला न्यायालय ने विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी। इसके साथ ही दोनों का वैवाहिक संबंध कानूनी रूप से समाप्त हो गया। उल्लेखनीय बात यह है कि दोनों पक्षों की ओर से सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगाने से परहेज किया गया। न्यायालयीन प्रक्रिया में भी मुख्य रूप से यह बात सामने रखी गई कि दोनों का दांपत्य जीवन अब आगे चलना संभव नहीं है।

बताया गया है कि वैवाहिक संबंध समाप्त होने के बाद बेटी गिरिशा सिंह अपनी मां हिमाद्री सिंह के साथ रहेंगी। तलाक की प्रक्रिया के दौरान गुजारा भत्ता अथवा भरण-पोषण को लेकर भी कोई मांग नहीं रखी गई। दोनों पक्षों के बीच विवाह के दौरान दिए गए आभूषणों, कीमती उपहारों अथवा अन्य सामान को लेकर भी किसी तरह के विवाद की बात सामने नहीं आई।

हिमाद्री सिंह का राजनीतिक जीवन भी काफी चर्चित रहा है। वह वर्तमान में शहडोल लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की सांसद हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं। तलाक की खबर सामने आने के बीच वह अपने एक्स हैंडल पर राजनीतिक एवं सार्वजनिक मुद्दों से संबंधित पोस्ट लगातार साझा करती रही हैं। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 से पहले भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने संबंधी बयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प अभियान से जुड़ा वीडियो भी साझा किया था।

हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का विवाह वर्ष 2017 में हुआ था और उस समय यह विवाह राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर काफी चर्चित रहा था। हालांकि विवाह के कुछ समय बाद दोनों के बीच मतभेद सामने आने लगे। कई वर्षों तक अलग रहने के बाद आखिरकार दोनों ने आपसी सहमति से अपने वैवाहिक संबंध को समाप्त करने का निर्णय लिया। न्यायालय द्वारा 3 सितंबर 2026 को डिक्री पारित किए जाने के बाद अब दोनों का करीब नौ वर्ष पुराना विवाह कानूनी रूप से समाप्त हो चुका है।

इस पूरे मामले में उल्लेखनीय यह भी है कि दोनों पक्षों ने अलगाव के बावजूद सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप लगाने से दूरी बनाए रखी। लंबे समय से अलग रहने के बाद आपसी सहमति से न्यायालय के माध्यम से वैवाहिक संबंध समाप्त करने का रास्ता चुना गया। अब हिमाद्री सिंह अपनी बेटी के साथ रहेंगी, जबकि नरेंद्र मरावी और हिमाद्री सिंह अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे।

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