21 बार बजेगा वादे का ऑडियो,भाजपा से पूछा जाएगा-सिहोरा जिला कब?
विधायक को स्मरण पत्र सौंपकर आंदोलन के प्रथम चरण का समापन,2 अक्टूबर को भाजपा संभागीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन का ऐलान।
सिहोरा। सिहोरा को जिला बनाने की मांग अब एक बार फिर राजनीतिक वादे और जनआंदोलन के केंद्र में आ गई है। चुनावी मंच से किए गए वादे को याद दिलाने के लिए लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने आंदोलन के प्रथम चरण के तहत बुधवार को विधायक संतोष बरकड़े को स्मरण पत्र सौंपकर अपनी घोषणा पूरी की। विधायक के बाहर रहने के कारण उनके प्रतिनिधि अनुपम सराफ ने समिति से स्मरण पत्र प्राप्त किया। इसी के साथ समिति ने आंदोलन के अगले चरण की भी घोषणा कर दी है।
समिति द्वारा 2 सितंबर से सिहोरा के जिम्मेदार भाजपा नेताओं को स्मरण पत्र सौंपने का अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान नेताओं को भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सिहोरा को जिला बनाने को लेकर की गई घोषणा का ऑडियो भी सुनाया गया। समिति का कहना है कि चुनाव के दौरान जनता के बीच मंच से किया गया वादा अब सत्ता में आने के बाद भी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए भाजपा नेतृत्व को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
समिति सदस्यों ने कहा कि चुनाव के समय सिहोरा को जिला बनाने की घोषणा जनता के बीच की गई थी। ऐसे में सत्ता में आने के बाद उस घोषणा पर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही, यह सवाल स्वाभाविक रूप से सिहोरा की जनता के मन में है। समिति का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के नेता द्वारा सार्वजनिक मंच से की गई घोषणा को सत्ता की चकाचौंध में भुलाया नहीं जाना चाहिए। आने वाले समय में भाजपा को फिर जनता के बीच जाना है और उस समय जनता अपने बीच किए गए वादों का हिसाब मांग सकती है।
पहले आग्रह, अब आंदोलन की राह
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति का कहना है कि सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और नेताओं से कई बार आग्रह किया जा चुका है। लगातार आग्रह के बावजूद अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आने पर अब समिति ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का निर्णय लिया है।
समिति ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन के भरोसे आंदोलन को आगे नहीं रोका जाएगा। समिति का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे पर जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। इसी क्रम में आगामी 2 अक्टूबर को जबलपुर स्थित भाजपा संभागीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।
21 बार गूंजेगा चुनावी वादे का ऑडियो
समिति ने ऐलान किया है कि 2 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन के दौरान स्मृति ईरानी द्वारा चुनाव पूर्व सिहोरा को जिला बनाने को लेकर की गई घोषणा का ऑडियो 21 बार बजाया जाएगा। इसके बाद भाजपा नेतृत्व से सीधा सवाल किया जाएगा कि सिहोरा की जनता से चुनाव पूर्व किया गया वादा आखिर कब पूरा होगा।
प्रदर्शन के दौरान समिति सरकार और भाजपा नेतृत्व से यह भी सवाल करेगी कि स्मृति ईरानी की घोषणा के बाद सरकार के स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है और सिहोरा को जिला बनाने की पहल आखिर किस स्तर पर लंबित है। समिति का कहना है कि जनता को अब स्पष्ट जानकारी चाहिए कि जिला बनाने की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है और इसे पूरा करने के लिए सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
विधायक के सामने रखे गए दो विकल्प
विधायक संतोष बरकड़े के नाम सौंपे गए स्मरण पत्र में समिति ने सिहोरा को जिला बनाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दो विकल्प भी रखे हैं। समिति ने मांग की है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के समक्ष विधायक की ओर से सिहोरा को जिला बनाने के संबंध में लिखित अध्यावेदन प्रस्तुत किया जाए तथा आयोग के समक्ष सिहोरा का मजबूत पक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाए।
समिति का दूसरा प्रस्ताव है कि विधायक संतोष बरकड़े स्वयं भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को साथ लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करें और विधानसभा चुनाव से पहले सिहोरा को जिला बनाने को लेकर की गई घोषणा को अमल में लाने की मांग रखें।
समिति का कहना है कि यदि राजनीतिक स्तर पर सिहोरा की जिला बनाने की मांग को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाता है तो प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के समक्ष सिहोरा का पक्ष मजबूती से रखा जा सकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
अब 2 अक्टूबर पर टिकी निगाहें
स्मरण पत्र सौंपे जाने के साथ आंदोलन का पहला चरण पूरा हो गया है। अब समिति ने दूसरे चरण के लिए 2 अक्टूबर की तारीख तय की है। भाजपा संभागीय कार्यालय के सामने प्रस्तावित प्रदर्शन में चुनाव पूर्व किए गए वादे को जनता के सामने फिर से रखा जाएगा।
समिति का कहना है कि 21 बार चुनावी घोषणा का ऑडियो बजाकर भाजपा नेतृत्व से एक ही सवाल पूछा जाएगा—सिहोरा जिला कब? समिति के अनुसार यह प्रदर्शन सिहोरा की लंबे समय से चली आ रही जिला बनाने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और सरकार का ध्यान आकर्षित करने की दिशा में अगला कदम होगा।
समिति ने कहा कि सिहोरा की जनता लंबे समय से जिला बनाने की मांग कर रही है। अब जनता केवल आश्वासन नहीं, बल्कि इस दिशा में उठाए गए ठोस कदम और स्पष्ट समयसीमा जानना चाहती है। आंदोलन समिति ने संकेत दिया है कि यदि आगामी चरण में भी ठोस जवाब नहीं मिलता है तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
बुधवार को विधायक के प्रतिनिधि अनुपम सराफ को स्मरण पत्र सौंपने के दौरान समिति के अनिल जैन, कृष्ण कुमार कुररिया, रामजी शुक्ला, संतोष पांडे, शरद सेठ, प्रदीप दुबे, पुरुषोत्तम गुप्ता, मोहन सोंधिया, राजेश कुररिया, सुमित शुक्ला, आलोक जैन, जितेंद्र श्रीवास, दशरथ पटेल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।