मध्य प्रदेश में 11 IAS अधिकारियों की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी,निधि निवेदिता सहित कई अफसरों के विभाग बदले।
महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़ा बदलाव,संदीप जी.आर. को मिली कमान,सागर संभाग से लेकर राजस्व, स्वास्थ्य,आदिवासी विकास और स्मार्ट सिटी तक कई अहम जिम्मेदारियों में फेरबदल।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर बड़ा फेरबदल करते हुए 11 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले एवं नई पदस्थापनाएं की हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कई महत्वपूर्ण विभागों और संभागों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस प्रशासनिक सर्जरी में महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता का तबादला भी प्रमुख रूप से सामने आया है। उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग से हटाकर राजस्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं संदीप जी.आर. को महिला एवं बाल विकास विभाग की कमान दी गई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़ा बदलाव
निधि निवेदिता 2012 बैच की IAS अधिकारी हैं। वे महिला एवं बाल विकास विभाग में आयुक्त-सह-संचालक के साथ अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रही थीं। नई पदस्थापना के तहत उन्हें विकास आयुक्त-सह-प्रमुख राजस्व आयुक्त, मध्य प्रदेश तथा आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विभिन्न रिपोर्टों में उनकी नई जिम्मेदारी को राजस्व प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण पदस्थापना बताया गया है।
निधि निवेदिता के स्थान पर 2013 बैच के IAS अधिकारी संदीप जी.आर. को महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें आयुक्त-सह-संचालक महिला एवं बाल विकास के साथ अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन से संबंधित दायित्व तथा महिला वित्त एवं विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
मंत्री से मतभेद की चर्चाओं ने खींचा ध्यान
निधि निवेदिता के तबादले के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चल रही चर्चाएं भी सामने आई हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि विभागीय मंत्री निर्मला भूरिया और निधि निवेदिता के बीच कार्यप्रणाली एवं व्यवहार को लेकर मतभेद की स्थिति बनी हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार मंत्री की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष अधिकारी को लेकर शिकायतें भी रखी गई थीं।
कुछ रिपोर्टों में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भी समन्वय की समस्या का उल्लेख किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि सरकार के तबादला आदेश में निधि निवेदिता को हटाए जाने का कारण मंत्री के साथ कथित विवाद नहीं बताया गया है। इसलिए इन चर्चाओं को आधिकारिक कारण मानना उचित नहीं होगा। तबादले का आधिकारिक तथ्य नई पदस्थापना है, जबकि विवाद एवं शिकायत से संबंधित बातें मीडिया रिपोर्टों और प्रशासनिक सूत्रों पर आधारित हैं।
सागर संभाग के आयुक्त भी बदले
प्रशासनिक फेरबदल में सागर संभाग के आयुक्त अनिल सुचारी को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। 2006 बैच के IAS अधिकारी अनिल सुचारी को सागर संभाग के आयुक्त पद से हटाकर मध्य प्रदेश भंडार गृह निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उनके स्थान पर 2008 बैच के IAS अधिकारी दिलीप कुमार को सागर संभाग का आयुक्त बनाया गया है। दिलीप कुमार इससे पहले आयुक्त उद्योग तथा लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
राजस्व विभाग में भी बदलाव
अनुपमा श्रीवास्तव को सचिव, मध्य प्रदेश शासन, राजस्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले उनके पास प्रमुख राजस्व आयुक्त सहित अन्य राजस्व संबंधी दायित्व थे। वहीं प्रशासनिक फेरबदल के तहत राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर नई जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया है।
अन्य प्रमुख तबादले
सतेन्द्र सिंह को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा अनुसूचित जाति विकास से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं। उनके पास अनुसूचित जाति विकास आयुक्त तथा मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक सहित अन्य जिम्मेदारियां भी रहेंगी।
2011 बैच की IAS अधिकारी नेहा मारव्या सिंह को मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है।
2012 बैच के IAS अधिकारी अनुराग वर्मा को मध्य प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है।
2013 बैच के IAS अधिकारी मयंक अग्रवाल को विकसित भारत-रोजगार गारंटी आजीविका मिशन ग्रामीण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। उन्हें समग्र नर्मदा मिशन के मिशन संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
2014 बैच के IAS अधिकारी अवि प्रसाद को मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उन्हें लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
2018 बैच की IAS अधिकारी नेहा जैन को स्मार्ट सिटी उज्जैन का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। उन्हें नगर निगम उज्जैन के अपर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
अतिरिक्त प्रभारों में भी बदलाव
सरकार ने कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त विभागों की जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। रघुराज एम.आर. को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। तरुण राठी को आदिवासी विकास से जुड़े कई अतिरिक्त दायित्व सौंपे गए हैं। कुमार पुरुषोत्तम को उद्योग विभाग एवं लघु उद्योग निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। शीतला पटले को श्रम आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार और अनिशा श्रीवास्तव को ग्वालियर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा फेरबदल
मध्य प्रदेश सरकार का यह फेरबदल कई महत्वपूर्ण विभागों और प्रशासनिक संस्थानों को प्रभावित करता है। महिला एवं बाल विकास, राजस्व, नागरिक आपूर्ति, स्वास्थ्य, आदिवासी विकास, उद्योग, रोजगार मिशन और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं की गई हैं।
निधि निवेदिता को महिला एवं बाल विकास विभाग से हटाकर राजस्व प्रशासन से जुड़ी जिम्मेदारी दिया जाना इस फेरबदल का प्रमुख बिंदु है। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग में संदीप जी.आर. की नई पदस्थापना से विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा।
हालांकि निधि निवेदिता और मंत्री निर्मला भूरिया के बीच कथित मतभेद को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन आधिकारिक तबादला आदेश में इसे कारण के रूप में दर्ज नहीं किया गया है। ऐसे में इस पहलू को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालने के बजाय इसे मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से ही देखा जाना उचित होगा।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को शासन व्यवस्था में नई जिम्मेदारियों के निर्धारण और विभिन्न विभागों में प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।


