सिहोरा जिला की घोषणा याद दिलाएंगे सिहोरा वासी,स्मृति ईरानी के वचन पर उठाएंगे सवाल।
भाजपा नेताओं को स्मरण पत्र सौंपकर आज से अभियान की शुरुआत,प्रत्येक नेता के घर पहुंचकर सुनाया जाएगा स्मृति ईरानी का चुनावी ऑडियो।
सिहोरा। विधानसभा चुनाव के दौरान सिहोरा को जिला बनाए जाने के मुद्दे पर भाजपा की स्टार प्रचारक एवं राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा की गई घोषणा अब एक बार फिर सिहोरा की सियासत में चर्चा का विषय बन गई है। चुनाव के करीब तीन वर्ष बाद भी सिहोरा जिला बनाने की दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं देने से लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने अब भाजपा नेताओं को उनकी घोषणा का स्मरण कराने का निर्णय लिया है। समिति द्वारा बुधवार से अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत समिति के पदाधिकारी स्थानीय भाजपा नेताओं के घर पहुंचकर उन्हें स्मरण पत्र सौंपेंगे और सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचाने का आह्वान करेंगे।
समिति के अनुसार अभियान की शुरुआत आज शाम छह बजे भाजपा सिहोरा अध्यक्ष सतीश पटेल को स्मरण पत्र सौंपकर की जाएगी। इसके बाद क्रमशः अन्य स्थानीय भाजपा नेताओं के घर पहुंचकर उन्हें भी स्मरण पत्र सौंपे जाएंगे। समिति का कहना है कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल के विरोध के लिए नहीं, बल्कि चुनाव के दौरान सिहोरा की जनता से किए गए वादे को याद दिलाने और उस पर जवाब मांगने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
समिति पदाधिकारियों अनिल जैन, विकास दुबे, कृष्ण कुमार कुररिया, सुशील जैन, संतोष पांडे, नवीन शुक्ला आदि ने बताया कि 15 नवंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के ठीक दो दिन पहले भाजपा की स्टार प्रचारक स्मृति ईरानी ने सिहोरा के बस स्टैंड में आयोजित सभा को संबोधित किया था। समिति का दावा है कि इस सभा के दौरान सिहोरा जिला के मुद्दे पर स्मृति ईरानी ने घोषणा की थी कि यदि सिहोरा की जनता भाजपा प्रत्याशी संतोष बरकड़े को विधायक बनाती है तो वह स्वयं विधायक के साथ सरकार तक सिहोरा जिला बनाने का विषय लेकर जाएंगी।
समिति का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद करीब तीन वर्ष का समय बीतने को है, लेकिन सिहोरा को जिला बनाने के मुद्दे पर अपेक्षित पहल सामने नहीं आई है। ऐसे में अब समिति ने इस घोषणा को जनता के बीच फिर से प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया है।
अभियान के दौरान समिति के पदाधिकारी भाजपा नेताओं को स्मृति ईरानी की सभा से संबंधित ऑडियो सुनाएंगे और स्मरण पत्र सौंपेंगे। इसके माध्यम से नेताओं से आग्रह किया जाएगा कि वे सिहोरा जिला की मांग को लेकर स्मृति ईरानी के साथ मुख्यमंत्री तक पहुंचकर क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग को मजबूती से उठाएं।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सिहोरा को जिला बनाने की मांग क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगों में शामिल है। जिला बनने से सिहोरा और आसपास के क्षेत्रों के प्रशासनिक कामकाज में सुविधा, विकास कार्यों में तेजी और क्षेत्र को बेहतर प्रशासनिक पहचान मिलने की उम्मीद जताई जाती रही है। चुनाव के दौरान इस मुद्दे को लेकर की गई घोषणा ने क्षेत्रवासियों की उम्मीदों को और मजबूत किया था।
समिति के नितेश खरया, विजय जानवानी, प्रकाश मिश्रा, प्रदीप दुबे, रामजी शुक्ला, नंद कुमार परोहा, आनंद प्रकाश जैन, जितेंद्र श्रीवास, संतोष वर्मा आदि ने कहा कि अब समय आ गया है कि चुनाव के दौरान जनता के बीच किए गए वादों और घोषणाओं का हिसाब लिया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से भाजपा नेताओं को उनकी ही पार्टी की वरिष्ठ नेता द्वारा सिहोरा जिला के संबंध में की गई घोषणा याद दिलाई जाएगी।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि सिहोरा की जनता यह जानना चाहती है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले की गई घोषणा केवल चुनावी आश्वासन थी या वास्तव में सिहोरा जिला बनाने को लेकर गंभीर पहल का हिस्सा थी। अब समिति प्रत्येक स्थानीय नेता के घर जाकर स्मरण पत्र सौंपेगी और उनसे मांग करेगी कि वे इस विषय को प्रदेश सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएं।
अब यह अभियान किस दिशा में आगे बढ़ता है और भाजपा के स्थानीय नेताओं की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल स्मरण पत्र अभियान के जरिए सिहोरा जिला की मांग एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आने की संभावना है।


