इबादत,इंसानियत और भाईचारे के संदेश से महका उमरियापान,निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी।
ईद मिलादुन्नबी पर नूरी मस्जिद से निकला जुलूस,झंडा चौक पर स्टॉल लगाकर बांटी खाद्य सामग्री,जगह-जगह लंगर और सबील का हुआ आयोजन।
उमरियापान। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर ईद मिलादुन्नबी का पर्व बुधवार को उमरियापान में धार्मिक आस्था, सादगी, सेवा और आपसी भाईचारे के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों ने विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की। मस्जिदों में विशेष नमाज, सलातो-सलाम और नातिया कलाम पेश किए गए। लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनके आदर्शों और मानवता के प्रति दिए गए संदेशों को याद करते हुए प्रेम, शांति, सेवा और सौहार्द की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
ईद मिलादुन्नबी को लेकर सुबह से ही उमरियापान में उत्साह का वातावरण नजर आया। मस्जिदों, घरों और दुकानों को फूलों तथा आकर्षक झालरों से सजाया गया। झंडा चौक स्थित मस्जिद में विशेष सलातो-सलाम और नातिया कलाम का आयोजन हुआ। धार्मिक कार्यक्रमों के बाद जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए।
नूरी मस्जिद से प्रारंभ हुआ जुलूस
जुलूस-ए-मोहम्मदी नूरी मस्जिद से प्रारंभ होकर झंडा चौक, न्यू बस स्टैंड और अंधेली बाग होते हुए ईदगाह पहुंचा। जुलूस के दौरान लोगों ने धार्मिक भावनाओं के साथ सहभागिता की। जुलूस के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर लोगों द्वारा स्वागत एवं सेवा के लिए व्यवस्थाएं की गई थीं। इस वर्ष उमरियापान में मुस्लिम समाज की ओर से दो अलग-अलग जुलूस निकाले गए।
झंडा चौक पर लगाया स्टॉल, खाद्य सामग्री का वितरण
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर झंडा चौक में मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा सेवा भावना से स्टॉल लगाया गया। यहां जुलूस में शामिल लोगों एवं राहगीरों के लिए विभिन्न खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई। स्टॉल पर पुलाव, जलेबी, समोसा, केक, टॉफी, चॉकलेट, झालमुरी, रसगुल्ला, नमकीन, केला और बिस्किट सहित अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। लोगों ने उत्साहपूर्वक सेवा कार्य में सहभागिता की और आने-जाने वाले लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई।
जगह-जगह लंगर और सबील से सेवा
जुलूस के मार्ग में कई स्थानों पर लंगर और सबील का आयोजन किया गया। लोगों ने जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए खाद्य पदार्थ एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराए। सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में आपसी सहयोग, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया गया। आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की शुभकामनाएं दीं।
धार्मिक आयोजनों के साथ दिया मानवता का संदेश
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद किया गया। वक्ताओं एवं समाज के वरिष्ठ लोगों ने कहा कि पैगंबर साहब ने इंसानियत, प्रेम, शांति, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए पर्व के अवसर पर सेवा कार्यों को प्राथमिकता दी गई। बच्चों और युवाओं को भी पैगंबर साहब के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की सीख दी गई।
आसपास के गांवों में भी उत्साह के साथ मनाया पर्व
उमरियापान के अलावा महनेर, घुघरी, परसेल, ढीमरखेड़ा क्षेत्र के कटरिया, सिलौंड़ी के नेगई एवं बरहटा सहित आसपास के अन्य गांवों में भी ईद मिलादुन्नबी का पर्व श्रद्धा और सादगी के साथ मनाया गया। विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा मस्जिदों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। इस दौरान लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन एवं उनके आदर्शों को याद करते हुए समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
पर्व के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। उमरियापान थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल, ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी तथा सिलौंड़ी चौकी प्रभारी अनिल पांडेय पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे। पुलिस अधिकारियों ने जुलूस के मार्ग, प्रमुख चौराहों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जुलूस के दौरान पुलिस बल लगातार निगरानी करता रहा, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
सादगी और सौहार्द की मिसाल बना आयोजन
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर उमरियापान में धार्मिक आस्था के साथ सेवा और भाईचारे की भावना देखने को मिली। जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से सहभागिता की। जगह-जगह लगाए गए लंगर, सबील और खाद्य सामग्री वितरण के स्टॉल ने आयोजन को सेवा और सद्भाव से जोड़ दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उमरियापान सहित आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का संदेश देखने को मिला।


