सिंगरौली में जर्जर स्कूल को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा,लाठी लेकर SDM की गाड़ी के सामने खड़े हुए ग्रामीण।

 सिंगरौली में जर्जर स्कूल को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा,लाठी लेकर SDM की गाड़ी के सामने खड़े हुए ग्रामीण।

जनविश्वास शिविर के बाद ग्रामीणों ने रोका देवसर SDM का वाहन,स्कूल और आंगनबाड़ी भवन की बदहाली पर जताई नाराजगी,SDM ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण,DEO को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश।

सिंगरौली। जिले के देवसर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गन्नई-गजरहिया में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर के बाद उस समय माहौल गरमा गया, जब जर्जर प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी भवन की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने देवसर SDM के वाहन का रास्ता रोक दिया। घटनाक्रम के दौरान कुछ ग्रामीणों के हाथों में लाठियां भी दिखाई दीं। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह घटना चर्चा में आ गई है।

जानकारी के अनुसार गन्नई-गजरहिया में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। शिविर समाप्त होने के बाद गन्नई के सेटेलाइट विद्यालय तथा लालीमहुआरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के जर्जर भवनों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना था कि भवन लंबे समय से खराब स्थिति में हैं और वहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का आरोप था कि समस्या सामने रखने के बावजूद तत्काल समाधान नहीं होने से वे नाराज थे। इसी दौरान ग्रामीण SDM के वाहन के सामने आ गए और वाहन को आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि एक ग्रामीण ने गुस्से में लाठी घुमाई और वाहन पर प्रहार किया। हालांकि घटना के अलग-अलग वीडियो और रिपोर्टों में घटनाक्रम का विवरण कुछ भिन्न रूप में सामने आया है, इसलिए पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता महत्वपूर्ण है।

स्थिति को देखते हुए देवसर SDM डॉ. सुशीर श्रीकृष्ण श्रीराम वाहन से नीचे उतरे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को सुना और जर्जर स्कूल तथा आंगनबाड़ी भवन की स्थिति को गंभीरता से लिया। इसके बाद SDM ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और भवनों का निरीक्षण किया।

सहायक जनसंपर्क अधिकारी सिंगरौली रवि उईके के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, शिविर समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र भवन की समस्या SDM के समक्ष रखी थी। SDM ने तत्काल विद्यालय पहुंचकर भवन की स्थिति देखी। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी को स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीणों की मुख्य चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। उनका कहना है कि यदि भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में है तो किसी अप्रिय घटना से पहले उसकी मरम्मत अथवा आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था किया जाना जरूरी है। आंगनबाड़ी केंद्र में भी छोटे बच्चों की गतिविधियां संचालित होती हैं, ऐसे में भवन की स्थिति को लेकर ग्रामीणों की चिंता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इस पूरी घटना ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के उद्देश्य को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। जनविश्वास शिविरों में ग्रामीणों की समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में यदि किसी समस्या के समाधान को लेकर ग्रामीणों को अधिकारी का वाहन रोककर अपनी बात रखने की स्थिति बनती है, तो यह प्रशासन के लिए भी गंभीरता से विचार करने वाला विषय है।

हालांकि, इस घटनाक्रम का सकारात्मक पक्ष यह रहा कि विवाद बढ़ने के बजाय SDM ने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी शिकायत को मौके पर जाकर देखा। अब संबंधित विभाग द्वारा भवन का तकनीकी निरीक्षण और रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विद्यालय और आंगनबाड़ी भवन की वास्तविक स्थिति क्या है तथा उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए क्या कार्रवाई प्रस्तावित की जाती है।

फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। जर्जर भवनों की समस्या का स्थायी समाधान होने से ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनी चिंता दूर हो सकेगी। वहीं, SDM के वाहन को रोकने और कथित तौर पर वाहन पर लाठी से प्रहार किए जाने की घटना को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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