स्लीमनाबाद क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती पर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश,रात दो बजे कार्यालय पहुंचकर ऑपरेटर को जगाया।

 स्लीमनाबाद क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती पर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश,रात दो बजे कार्यालय पहुंचकर ऑपरेटर को जगाया।

पूरी रात बिजली गुल रहने से दर्जनों गांवों के लोग परेशान,ग्रामीणों ने लापरवाही के आरोप लगाते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई और नियमित विद्युत आपूर्ति की मांग उठाई।

स्लीमनाबाद क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण पचास से अधिक गांवों में  रात करीब सात बजे से विद्युत आपूर्ति बाधित रही, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। लगातार हो रही बिजली कटौती से आमजन के साथ-साथ छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान समय बारिश का मौसम होने के कारण सांप, बिच्छू तथा अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पूरी रात बिजली बंद रहने से लोगों में भय का माहौल बना रहा। कई परिवारों ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी रात जागकर समय बिताया। उमस और अंधेरे के कारण लोगों का जनजीवन भी प्रभावित हुआ।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रातभर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और विभागीय कर्मचारी भी समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आए। उनका कहना है कि रात लगभग दो बजे जब कई ग्रामीण एकजुट होकर स्लीमनाबाद स्थित बिजली कार्यालय पहुंचे, तब वहां मौजूद ऑपरेटर को जगाया गया। इसके बाद विद्युत आपूर्ति पुनः प्रारंभ की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि वे स्वयं कार्यालय नहीं पहुंचते तो संभवतः पूरी रात बिजली बंद ही रहती।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती अब आम बात बनती जा रही है। बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों के कार्य, छोटे व्यापारियों की गतिविधियां तथा आम नागरिकों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित होती है। लगातार हो रही इस समस्या के कारण लोगों में बिजली विभाग के प्रति असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि स्लीमनाबाद क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए। साथ ही उन्होंने आरोपित लापरवाह कर्मचारियों और संबंधित ऑपरेटर की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई करने तथा आवश्यक होने पर निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला इसी प्रकार जारी रहा, तो क्षेत्र के लोग व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने प्रशासन और बिजली विभाग से जनहित को प्राथमिकता देते हुए उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं नियमित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की मांग की है।

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