पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति और पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने पत्रकार वार्ता में बागेश्वर धाम को लेकर लगाए गंभीर आरोप,निष्पक्ष जांच की मांग।

 पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति और पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने पत्रकार वार्ता में बागेश्वर धाम को लेकर लगाए गंभीर आरोप,निष्पक्ष जांच की मांग।

सरकारी भूमि,प्रशासनिक कार्रवाई और कथित संरक्षण जैसे मुद्दों को उठाया,संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा,आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं।

छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति और पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने संयुक्त पत्रकार वार्ता आयोजित कर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, उनके भाई शालिग्राम तथा बागेश्वर धाम से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी भूमि, भूमि विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून के पालन से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं तथा इन सभी प्रकरणों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।

पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति या संस्था को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि बागेश्वर धाम से जुड़े कुछ मामलों में प्रशासन ने अपेक्षित निष्पक्षता नहीं दिखाई और शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए सभी मामलों की पारदर्शी जांच आवश्यक है।

पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति ने भी पत्रकार वार्ता में कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बागेश्वर धाम से जुड़े कुछ भूमि विवादों और प्रशासनिक मामलों में अनेक प्रश्न लंबे समय से उठाए जा रहे हैं, जिनका निष्पक्ष समाधान अब तक नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और प्रशासन ने अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। उनका कहना था कि यदि किसी भी नागरिक पर कानून लागू होता है तो प्रभावशाली व्यक्तियों पर भी समान रूप से कानून का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

पत्रकार वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने शालिग्राम से जुड़े चर्चित गोलीकांड प्रकरण का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में अपराध के पर्याप्त तथ्य सामने आते हैं तो जांच एजेंसियों को बिना किसी दबाव के कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में प्रशासनिक स्तर पर विशेष व्यवहार अपनाया गया, जिससे आम जनता के बीच कई प्रकार के प्रश्न उत्पन्न हुए हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में पत्रकार वार्ता के दौरान कोई न्यायिक रूप से प्रमाणित दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया गया।

पत्रकार वार्ता में दोनों नेताओं ने प्रदेश की राजनीतिक व्यवस्था पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े विवादित मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और किसी भी मामले की जांच व्यक्ति की सामाजिक, धार्मिक या राजनीतिक पहचान के आधार पर प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि जिन मामलों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, उनकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं तो सच्चाई भी जनता के सामने आनी चाहिए, लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होना आवश्यक है।

पत्रकार वार्ता के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। विभिन्न वर्गों में इस विषय को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन कर रहे हैं, जबकि बागेश्वर धाम से जुड़े श्रद्धालु इन आरोपों को निराधार बता रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर भी पत्रकार वार्ता के वीडियो और उससे संबंधित बयान तेजी से वायरल हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पत्रकार वार्ता में लगाए गए सभी आरोप पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति और पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के दावे हैं। इन आरोपों की किसी सक्षम न्यायालय द्वारा पुष्टि नहीं हुई है और न ही इन्हें न्यायिक रूप से सिद्ध माना गया है। संबंधित मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी है। समाचार प्रकाशित किए जाने तक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, उनके भाई शालिग्राम अथवा बागेश्वर धाम की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। यदि संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसे भी समाचार के अगले संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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