अनुपूरक बजट में विजयराघवगढ़ विधानसभा को लगभग 40 करोड़ के दो उच्च स्तरीय पुलों की सौगात।
कटनी नदी और महानदी पर बनेंगे नए पुल एवं संपर्क मार्ग,ग्रामीणों को बेहतर आवागमन और किसानों को मिलेगा सीधा लाभ।
विजयराघवगढ़।मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रस्तुत अनुपूरक बजट में विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र को लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत वाले दो उच्च स्तरीय पुलों एवं संपर्क मार्गों की स्वीकृति मिली है। क्षेत्र के विकास की दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद अनेक ग्रामीण क्षेत्रों की वर्षों पुरानी आवागमन संबंधी समस्याओं का समाधान होने के साथ किसानों और आम नागरिकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कटनी नदी पर ग्राम घुंसुर से ग्राम मोहास के बीच उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ लगभग तीन किलोमीटर लंबी संपर्क सड़क भी बनाई जाएगी, जिससे भैंसवाही, घूंसुर और कांटी क्षेत्र के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा।
इसी प्रकार महानदी पर ग्राम बकेली से ग्राम गुड़ेहा एवं पिपरा को जोड़ने के लिए उच्च स्तरीय पुल के साथ लगभग 8.5 किलोमीटर लंबी संपर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वर्षा ऋतु में नदी पार करने की कठिनाइयों से राहत मिलेगी तथा लोगों को लंबा चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनेगी।
जानकारी के अनुसार विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने मई माह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट कर विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे। इनमें कटनी नदी एवं महानदी पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण तथा उन्हें आसपास के गांवों से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग विकसित करने का प्रस्ताव भी शामिल था। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की थी, जिसके बाद अब अनुपूरक बजट में इन कार्यों के लिए बजटीय प्रावधान कर दिया गया है।
विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने इस अवसर पर कहा कि विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग से क्षेत्र की विभिन्न विकास योजनाओं को गति मिली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से लगभग एक लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं तथा सुरक्षित एवं सुगम यातायात के लिए पुलों और सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इन दोनों पुलों और संपर्क मार्गों के निर्माण से क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार से जुड़े कार्यों के लिए आवागमन आसान होगा तथा दूरस्थ गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से मजबूत होगा। क्षेत्र के लोगों ने इस स्वीकृति को लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।


