जीतू पटवारी के भाई से ड्रग्स मामले में लंबी पूछताछ,जांच के बीच प्रदेश की राजनीति गरमाई।
आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने की पूछताछ,देर रात छोड़ा गया,कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध,पुलिस ने कहा,जांच निष्पक्ष और जारी।
इंदौर,ग्रामीण खबर MP।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से जुड़े ड्रग्स मामले ने मध्यप्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इंदौर में ब्राउन शुगर से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने नाना पटवारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद उन्हें देर रात छोड़ दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई थीं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया और नाना पटवारी से विस्तृत पूछताछ की गई। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जाती है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
पूछताछ के बाद बाहर आए नाना पटवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका वर्तमान में किसी भी प्रकार के ड्रग्स कारोबार या तस्करी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कई वर्ष पहले वे नशे की लत का शिकार रहे थे, लेकिन काफी समय पहले इस आदत को छोड़ चुके हैं। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात भी कही।
दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष के नेताओं और उनके परिजनों को निशाना बनाकर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी के खिलाफ ठोस साक्ष्य हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन केवल आरोपों के आधार पर किसी की छवि धूमिल करना उचित नहीं है।
वहीं पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी भी व्यक्ति को केवल राजनीतिक पहचान के आधार पर न तो बचाया जाएगा और न ही फंसाया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है, क्योंकि एक ओर पुलिस जांच जारी है तो दूसरी ओर राजनीतिक दल इसे अपने-अपने दृष्टिकोण से जनता के सामने रख रहे हैं।
फिलहाल इस मामले में यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि नाना पटवारी से पुलिस द्वारा पूछताछ की गई थी, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें बाद में छोड़ दिया गया और जांच अभी भी जारी है। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

