नरोत्तम मिश्रा का बड़ा संदेश: "बीजेपी में जन्मा हूं,बीजेपी में ही रहूंगा",दिल्ली दौरे में अटकलों पर लगाया विराम।
दिल्ली पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं से की मुलाकात,पार्टी छोड़ने की अफवाहों का किया खंडन,बोले-"अब मेरा कद बड़ा नहीं रहा,लेकिन पार्टी के प्रति समर्पण पहले जैसा ही है"।
मध्यप्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को दिल्ली दौरे के दौरान अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके भाजपा छोड़ने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं और उनका किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार इस तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं कि वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इन अफवाहों को समाप्त करते हुए उन्होंने कहा, "मैं भारतीय जनता पार्टी में जन्मा हूं और भारतीय जनता पार्टी में ही रहूंगा। यहां-वहां जाने का कोई सवाल ही नहीं है।"
दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा कि जिन नेताओं से उन्हें मिलना था, उनसे मुलाकात हो चुकी है और उन्होंने अपनी बात भी रख दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर संवाद की प्रक्रिया सामान्य है और इसे किसी अन्य राजनीतिक अर्थ में नहीं देखा जाना चाहिए।
इस दौरान डॉ. मिश्रा का एक बयान विशेष रूप से चर्चा का विषय बना, जिसमें उन्होंने कहा कि "अब मेरा कद बड़ा नहीं रहा।" राजनीतिक जानकार इसे उनके विनम्र और संयमित रवैये के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि व्यक्ति से बड़ा संगठन होता है और भाजपा ने उन्हें जो सम्मान और अवसर दिए हैं, उसके लिए वह सदैव आभारी रहेंगे।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बावजूद डॉ. मिश्रा ने पार्टी नेतृत्व के निर्णय पर कोई असंतोष व्यक्त नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित संगठन है और संगठन का निर्णय सभी कार्यकर्ताओं के लिए सर्वोपरि होता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि उन्हें टिकट नहीं मिला है तो संभव है कि उनमें ही कोई कमी रही हो, लेकिन इससे पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण में कोई कमी नहीं आएगी।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भी अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करें। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जीत ही प्रत्येक कार्यकर्ता का लक्ष्य होना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा के इस स्पष्ट और सार्वजनिक बयान के बाद उनके भाजपा छोड़ने की चर्चाओं पर काफी हद तक विराम लग गया है। लंबे समय तक मध्यप्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके डॉ. मिश्रा ने एक बार फिर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता भाजपा के साथ ही बनी हुई है।
दिल्ली दौरे के दौरान दिया गया उनका यह बयान मध्यप्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं का विषय बन गया है। हालांकि उन्होंने अपने भविष्य को लेकर किसी नई भूमिका या जिम्मेदारी पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन इतना स्पष्ट कर दिया कि उनका राजनीतिक सफर भारतीय जनता पार्टी के साथ ही जारी रहेगा और वे संगठन के निर्णयों का सम्मान करते हुए पार्टी हित में कार्य करते रहेंगे।


