उमरियापान की एक वारदात से खुला अंतरराज्यीय उठाईगीर गिरोह का पूरा नेटवर्क,कटनी पुलिस ने 3 राज्यों में फैले अपराध साम्राज्य का किया पर्दाफाश।

 उमरियापान की एक वारदात से खुला अंतरराज्यीय उठाईगीर गिरोह का पूरा नेटवर्क,कटनी पुलिस ने 3 राज्यों में फैले अपराध साम्राज्य का किया पर्दाफाश।

40 लाख रुपये से अधिक की 26 वारदातों का खुलासा,दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार,50 से अधिक आपराधिक प्रकरणों से जुड़े आरोपी; मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़ और ओडिशा के 15 से अधिक जिलों में सक्रिय था गिरोह।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

जिले की उमरियापान थाना पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक साधारण प्रतीत होने वाली चोरी की घटना ने आखिरकार एक ऐसे अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क का खुलासा कर दिया, जिसने पिछले कई वर्षों से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के विभिन्न जिलों में बैंक ग्राहकों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की उठाईगीरी और झपटमारी की वारदातों को अंजाम दिया था। कटनी पुलिस की महीनों तक चली तकनीकी जांच, साइबर विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज के गहन परीक्षण, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और विभिन्न जिलों की पुलिस से समन्वय के बाद इस गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 40 लाख रुपये से अधिक की 26 वारदातों का खुलासा किया है, जबकि जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क तीन राज्यों के 15 से अधिक जिलों तक फैला हुआ था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। इस सफलता से न केवल अनेक पुराने मामलों की गुत्थी सुलझी है बल्कि ऐसे संगठित गिरोहों के विरुद्ध एक कड़ा संदेश भी गया है कि तकनीक आधारित आधुनिक पुलिसिंग के सामने अपराधी अधिक समय तक बच नहीं सकते।

पूरे अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, एसडीओपी अकांक्षा चतुर्वेदी, सीएसपी नेहा पच्चीसिया तथा डीएसपी मुख्यालय रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसने लगातार कई सप्ताह तक विभिन्न पहलुओं पर जांच करते हुए इस बड़ी सफलता को हासिल किया।

पूरे मामले की शुरुआत 19 मई 2026 को हुई, जब थाना उमरियापान क्षेत्र स्थित जिला सहकारी बैंक से एक सेल्समैन का नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग दिनदहाड़े चोरी हो गया। प्रारंभिक रूप से यह मामला सामान्य चोरी का प्रतीत हो रहा था, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक महेंद्र जायसवाल ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद विशेष जांच दल का गठन किया गया और घटना के प्रत्येक पहलू की गहन जांच शुरू हुई।

पुलिस ने बैंक परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को कई दिनों तक खंगाला। संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। साइबर सेल ने मोबाइल लोकेशन, तकनीकी इनपुट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। मुखबिर तंत्र से प्राप्त जानकारियों को तकनीकी साक्ष्यों से मिलाकर जांच आगे बढ़ाई गई और अंततः पुलिस गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों तक पहुंचने में सफल रही।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित सिसोदिया उर्फ बंदर, उम्र 30 वर्ष, निवासी भोलगढ़, जिला अनूपपुर तथा संजय सिसोदिया, उम्र 38 वर्ष, निवासी भोलगढ़, जिला अनूपपुर के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिनके आधार पर कई पुराने मामलों का खुलासा हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से संगठित तरीके से विभिन्न राज्यों में वारदातों को अंजाम देते रहे हैं और उनके साथ गिरोह के अन्य सदस्य भी सक्रिय हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का अपराध करने का तरीका अत्यंत सुनियोजित और पेशेवर था। गिरोह का एक सदस्य बैंक के भीतर ग्राहक बनकर मौजूद रहता था और उन लोगों पर विशेष नजर रखता था जो बड़ी राशि निकालते थे। जैसे ही ग्राहक बैंक से बाहर निकलता, उसके बारे में बाहर मौजूद साथियों को संकेत दे दिया जाता। इसके बाद मोटरसाइकिल सवार आरोपी ग्राहक का पीछा करते थे। यदि ग्राहक बैग लेकर पैदल या दोपहिया वाहन से जाता तो सुनसान स्थान पर उसका बैग छीन लिया जाता। यदि ग्राहक कार से यात्रा करता और नकदी वाहन की डिग्गी में रखता तो कुछ ही सेकंड में लॉक तोड़कर या वाहन का शीशा तोड़कर नकदी लेकर आरोपी फरार हो जाते। पूरी वारदात इतनी तेजी से अंजाम दी जाती थी कि कई बार पीड़ित को घटना का पता काफी देर बाद चलता था।

पुलिस के अनुसार गिरोह ने केवल कटनी ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के अनेक जिलों में इसी तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। जांच में कटनी, सतना, जबलपुर, नरसिंहपुर, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, देवास, पन्ना, खंडवा, होशंगाबाद, इटारसी, जशपुर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही तथा ओडिशा के संभलपुर सहित 15 से अधिक जिलों में अपराध किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि आगे की पूछताछ में अन्य जिलों की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लगभग 40 लाख रुपये से अधिक की नकदी चोरी और उठाईगीरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस अब इन मामलों से संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर रही है ताकि प्रत्येक घटना का विधिवत सत्यापन कर न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के विभिन्न थानों में 50 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें चोरी, झपटमारी, उठाईगीरी तथा अन्य संपत्ति संबंधी अपराध शामिल हैं। कई मामलों में दोनों के विरुद्ध स्थायी वारंट भी जारी हैं। आरोपी संजय सिसोदिया लंबे समय से एक पुराने प्रकरण में फरार चल रहा था और विभिन्न जिलों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की बची हुई नकदी तथा वारदातों में प्रयुक्त काले रंग की यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल भी जब्त की है। जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 72 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है तथा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई की जा रही है।

इस पूरे अभियान में थाना उमरियापान, थाना माधवनगर, थाना एनकेजे, थाना रंगनाथ नगर, साइबर सेल, सीसीटीवी विश्लेषण टीम तथा अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तकनीकी जांच और विभिन्न जिलों के बीच बेहतर समन्वय इस कार्रवाई की सबसे बड़ी विशेषता रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि उमरियापान की घटना को गंभीरता से लेकर वैज्ञानिक तरीके से जांच नहीं की जाती तो संभवतः यह बड़ा अपराध नेटवर्क लंबे समय तक सक्रिय रहता।

कटनी पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अनेक पुराने प्रकरणों का निराकरण होने की संभावना है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर अन्य राज्यों और जिलों में दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। कई स्थानों से पुलिस टीमें संपर्क में हैं और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बैंक से बड़ी राशि निकालते समय विशेष सावधानी बरतें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति लगातार पीछा करता दिखाई दे या बैंक परिसर में अनावश्यक रूप से घूमता नजर आए तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। बड़ी राशि निकालने के बाद यथासंभव अकेले यात्रा न करें तथा वाहन में नकदी रखने के बाद सतर्क रहें। पुलिस का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।

उमरियापान की एक घटना से शुरू हुई जांच ने जिस प्रकार तीन राज्यों में फैले अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क का खुलासा किया है, वह कटनी पुलिस की पेशेवर कार्यशैली, तकनीकी दक्षता और सतत प्रयासों का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। यह कार्रवाई न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश की पुलिसिंग के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है तथा अनेक लंबित मामलों से भी पर्दा उठ सकता है।

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