दतिया उपचुनाव,भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के प्रतिद्वंदी के रूप में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर खेला अनुभवी दांव।
पूर्व विधायक,पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और दतिया राजघराने से जुड़े घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार,उपचुनाव में मुकाबला हुआ दिलचस्प।
दतिया,ग्रामीण खबर MP।
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपने पत्ते खोलते हुए वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही अब उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है। कांग्रेस के इस फैसले को अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा जताने वाला कदम माना जा रहा है, वहीं इससे दतिया का राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया है।
घनश्याम सिंह कांग्रेस के वरिष्ट नेताओं में गिने जाते हैं। वे दतिया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं और लंबे समय से पार्टी संगठन तथा क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनका संबंध दतिया राजघराने से भी बताया जाता है, जिसके कारण क्षेत्र में उनकी अलग पहचान और प्रभाव माना जाता है। राजनीतिक अनुभव और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया है।
घनश्याम सिंह तीन बार विधायक रह चुके हैं और विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक, सामाजिक तथा विकास संबंधी परिस्थितियों से भली-भांति परिचित माने जाते हैं। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव को कांग्रेस इस चुनाव में अपनी सबसे बड़ी ताकत के रूप में देख रही है। पार्टी का मानना है कि अनुभवी और स्थानीय नेतृत्व के सहारे वह भाजपा को कड़ी चुनौती देने में सफल होगी।
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाकर नए नेतृत्व पर विश्वास जताया है। भाजपा संगठन पूरी ताकत के साथ चुनावी अभियान में जुट चुका है और विकास कार्यों, सरकार की योजनाओं तथा संगठनात्मक मजबूती के आधार पर जनता के बीच पहुंच बना रहा है। वहीं कांग्रेस अपने अनुभवी चेहरे और स्थानीय जनसंपर्क को चुनावी मुद्दा बनाकर मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही है।
दतिया उपचुनाव को प्रदेश की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों प्रमुख दलों ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। एक ओर भाजपा अपनी सीट बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इस सीट पर जीत दर्ज कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि घनश्याम सिंह के मैदान में आने से चुनाव मुकाबला पहले की तुलना में अधिक रोचक और कांटे का हो गया है। अब दोनों दलों के सामने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की चुनौती होगी। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार तेज होने के साथ दतिया में बड़े नेताओं की सभाएं, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीतियां इस मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बनाएंगी।
फिलहाल कांग्रेस द्वारा घनश्याम सिंह को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के बीच सीधी एवं प्रतिष्ठापूर्ण चुनावी लड़ाई देखने को मिलेगी। अब सभी की नजरें दोनों दलों के चुनाव प्रचार और मतदाताओं के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

