बिलहरी-राजपुरा हार में चोरों का आतंक,22 किसानों के खेतों से पंप लीड और एक खेत का ट्रांसफार्मर चोरी।

 बिलहरी-राजपुरा हार में चोरों का आतंक,22 किसानों के खेतों से पंप लीड और एक खेत का ट्रांसफार्मर चोरी।

रात के अंधेरे में संगठित तरीके से वारदात को दिया अंजाम,किसानों में दहशत और आक्रोश,बिलहरी थाने में सामूहिक एफआईआर दर्ज,सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग।

कटनी जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलहरी के राजपुरा हार क्षेत्र में चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसने क्षेत्र के किसानों की चिंता और परेशानी बढ़ा दी है। किसानों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए लगभग 22 किसानों के खेतों में लगे सिंचाई पंपों की लीड (विद्युत केबल) चोरी कर ली। इतना ही नहीं, एक किसान के खेत में स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मर भी चोर उखाड़कर अपने साथ ले गए। एक ही रात में इतनी बड़ी संख्या में खेतों को निशाना बनाए जाने से यह आशंका भी जताई जा रही है कि वारदात को किसी संगठित गिरोह ने अंजाम दिया है।

घटना की जानकारी जैसे ही किसानों को मिली, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। किसान अपने-अपने खेतों पर पहुंचे तो वहां पंपों की लीड गायब मिली और एक खेत से ट्रांसफार्मर भी चोरी हो चुका था। वर्षों की मेहनत और खेती की तैयारियों के बीच हुई इस घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों का कहना है कि वर्तमान समय खेती-किसानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और सिंचाई व्यवस्था बाधित होने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि समय रहते व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो उत्पादन भी प्रभावित होने की आशंका है।

पीड़ित किसानों ने एकजुट होकर बिलहरी थाना पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी तथा अज्ञात चोरों के विरुद्ध सामूहिक रूप से एफआईआर दर्ज कराई। किसानों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल गठित किया जाए, आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय चोरी करने वाले गिरोहों की जांच की जाए तथा जल्द से जल्द चोरी गए सामान की बरामदगी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। खेतों में लगे विद्युत उपकरण, मोटर, केबल और अन्य कृषि सामग्री लगातार चोरों के निशाने पर हैं, जिससे किसानों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि वे दिन-रात मेहनत करके खेती करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। चोरी हुए उपकरणों को दोबारा लगवाने में हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है, जिससे आर्थिक रूप से पहले से परेशान किसानों पर और अधिक बोझ पड़ता है।

ग्रामीणों और किसानों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि राजपुरा हार सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी रखी जाए तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जाए। साथ ही कबाड़ खरीदने वाले व्यापारियों एवं ऐसे स्थानों की भी जांच की जाए, जहां चोरी का सामान बेचे जाने की संभावना रहती है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ सकता है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और कृषि उपकरणों की चोरी सीधे उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव डालती है। किसानों ने प्रशासन से ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस ने किसानों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से प्राप्त तथ्यों एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही चोरी की पूरी साजिश और इसमें शामिल लोगों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। वहीं क्षेत्र के किसान अब पुलिस की कार्रवाई और शीघ्र खुलासे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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