डाक कर्मचारियों का आंदोलन तेज,अव्यावहारिक टारगेट और निजीकरण के विरोध में लंच अवर्स में प्रदर्शन।

 डाक कर्मचारियों का आंदोलन तेज,अव्यावहारिक टारगेट और निजीकरण के विरोध में लंच अवर्स में प्रदर्शन।

उज्जैन डाक संभाग के कर्मचारियों ने चेताया,मांगें नहीं मानी गईं तो 5 अगस्त की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन।

जबलपुर।भारतीय डाक विभाग में कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार, अव्यावहारिक लक्ष्य और विभाग के क्रमिक निजीकरण के विरोध में डाक कर्मचारियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। कर्मचारियों ने लंच अवर्स के दौरान नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई और प्रबंधन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी जायज़ मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

भारतीय डाक कर्मचारी संघ, ग्रुप 'सी' के संभागीय सचिव श्री अनिल सिंह बागरी ने बताया कि डाक कर्मचारियों की नियुक्ति मुख्य रूप से डाकघरों में आने वाले नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए की जाती है। लेकिन वर्तमान में कर्मचारियों से नियमित कार्यालयीन कार्य कराने के साथ-साथ घर-घर जाकर डाक जीवन बीमा, बचत खाते, स्पीड पोस्ट, पार्सल तथा विभाग की अन्य योजनाओं के लिए नए ग्राहक जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में कार्यालयीन कार्य और विपणन (मार्केटिंग) की जिम्मेदारियां अलग-अलग कर्मचारियों को दी जाती हैं। इसके विपरीत डाक विभाग में एक ही कर्मचारी से पूरे समय काउंटर पर बैठकर जनता की सेवा कराने के बाद उसे फील्ड में जाकर भारी-भरकम लक्ष्य पूरे करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह अव्यावहारिक और कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशील रवैया है।

श्री बागरी ने कहा कि डाक कर्मचारी हमेशा आमजन को गुणवत्तापूर्ण, त्वरित और विश्वसनीय सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। लेकिन लगातार बढ़ते लक्ष्य और मानसिक दबाव के कारण सेवा की गुणवत्ता बनाए रखना और साथ ही निर्धारित लक्ष्य पूरे करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। उनका आरोप है कि कई कर्मचारी दबाव के चलते अपने निजी संसाधनों का उपयोग कर स्वयं के पैसे से खाते खुलवाने और बीमा योजनाओं में निवेश कराने तक को मजबूर हो रहे हैं। इतना ही नहीं, एक लक्ष्य पूरा होते ही उससे कई गुना अधिक बड़ा लक्ष्य सौंप दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों पर लगातार मानसिक तनाव बढ़ रहा है।

संघ का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के बजाय उन पर लगातार नए-नए लक्ष्य थोपे जा रहे हैं, जिससे कार्य का वातावरण प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि विभाग वास्तव में बेहतर सेवाएं देना चाहता है तो उसे कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए कार्य प्रणाली में सुधार करना होगा।

वर्तमान में डाक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा प्रतिदिन लंच अवर्स में प्रदर्शन कर विरोध दर्ज करा रहे हैं। भारतीय डाक कर्मचारी संघ ने घोषणा की है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 5 अगस्त को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिसकी पूर्व सूचना विभाग को पहले ही दी जा चुकी है।

डाक कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य आम जनता को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और विभाग में व्यावहारिक कार्य व्यवस्था सुनिश्चित कराना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग समय रहते कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करेगा, ताकि डाक सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें और कर्मचारियों को अनावश्यक मानसिक दबाव का सामना न करना पड़े।

Post a Comment

Previous Post Next Post