गौ सम्मान आवाहन अभियान के तहत सिहोरा में निकली विशाल जनजागरण रैली,राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन।
गौ संरक्षण के लिए सख्त केंद्रीय कानून,केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय, गौचर बोर्ड के गठन तथा गौ माता को राष्ट्रमाता,राष्ट्र आराध्य अथवा राष्ट्र धरोहर का दर्जा देने की मांग।
सिहोरा। संपूर्ण भारत में संचालित गौ सम्मान आवाहन अभियान के अंतर्गत मंगलवार को सिहोरा नगर में गौ संरक्षण, गौ संवर्धन एवं गौ सम्मान को लेकर एक विशाल जनजागरण रैली का आयोजन किया गया। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं, गौसेवकों, समाजसेवियों एवं नगरवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए गौ माता की सुरक्षा, संरक्षण और सम्मान से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। रैली के समापन पर राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को सौंपा गया।
रैली नगर के प्रमुख मार्गों से अनुशासित ढंग से निकाली गई, जिसमें प्रतिभागियों ने गौ संरक्षण के समर्थन में जनजागरूकता का संदेश दिया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा में गौ माता का विशेष स्थान रहा है और उनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी एवं कठोर कानूनी व्यवस्था समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से भी गहराई से जुड़ा हुआ विषय है।
ज्ञापन में केंद्र सरकार से मांग की गई कि पूरे देश में गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक समान एवं सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाए, जिससे गौ तस्करी, अवैध वध तथा गौवंश के प्रति होने वाले अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही गौ माता को राष्ट्रमाता, राष्ट्र आराध्य अथवा राष्ट्र धरोहर का सम्मान प्रदान करने की दिशा में आवश्यक संवैधानिक एवं प्रशासनिक पहल किए जाने की भी मांग की गई।
अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में केंद्रीय स्तर पर पृथक गौ सेवा मंत्रालय के गठन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़ी योजनाओं का बेहतर संचालन एवं समन्वय संभव होगा। इसके अतिरिक्त गौचर भूमि के संरक्षण, विकास एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गौचर बोर्ड के गठन की भी मांग की गई, ताकि गौवंश के लिए पर्याप्त चरागाह भूमि उपलब्ध कराई जा सके और गौशालाओं को भी आवश्यक संसाधन एवं सहयोग प्राप्त हो।
रैली के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने गौ सेवा को समाज का नैतिक एवं सांस्कृतिक दायित्व बताते हुए नागरिकों से भी गौ संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और इस अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौवंश के संरक्षण के लिए शासन, प्रशासन और समाज को मिलकर कार्य करना होगा, तभी इस दिशा में सार्थक परिणाम प्राप्त हो सकेंगे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अनिल जैन, राकेश पहारिया, अरुण जैन, यतेंद्र जैन, दिनेश गुप्ता, नितेश खारिया, संतोष वर्मा, कालूराम चौरसिया, कल्लू जैन, संजय जैन, राकेश मालवीय, श्याम चौरसिया, अशोक शर्मा, तीरथ ठाकुर, शिवचरण दाहिया, रवि सेठ सहित बड़ी संख्या में गौसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगरवासी उपस्थित रहे। सभी ने अभियान की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की।


