उमरियापान की बदहाली पर जनआक्रोश,10 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन,15 अगस्त तक समाधान नहीं तो आत्मदाह की चेतावनी।

 उमरियापान की बदहाली पर जनआक्रोश,10 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन,15 अगस्त तक समाधान नहीं तो आत्मदाह की चेतावनी।

कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि देकर शुरू हुआ आंदोलन,मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन,बस स्टैंड, जर्जर सड़कें,पान किसानों,पेयजल और स्वच्छता सहित जनहित के मुद्दे उठाए।

उमरियापान। वर्षों से लंबित जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर रविवार को उमरियापान बस स्टैंड परिसर में क्षेत्रवासियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रकांत (चंदू) चौरसिया के नेतृत्व में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। आंदोलन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार इसरार खान को सौंपते हुए क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई।

धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उमरियापान क्षेत्र लंबे समय से विकास की मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। अनेक बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष समस्याएं उठाई गईं, लेकिन आज तक उनका स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसी कारण क्षेत्र की जनता को अपनी आवाज बुलंद करने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

ज्ञापन में उमरियापान नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से शामिल किया गया। इनमें सर्वसुविधायुक्त आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण, जर्जर एवं क्षतिग्रस्त सड़कों का पुनर्निर्माण, पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करना, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करना, यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाना, साप्ताहिक बाजार का समुचित विकास तथा पान किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान प्रमुख रूप से शामिल हैं।

धरना-प्रदर्शन के दौरान बस स्टैंड निर्माण में हो रही देरी को लेकर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। चंद्रकांत चौरसिया ने कहा कि शासन द्वारा बस स्टैंड निर्माण के लिए भूमि चिन्हित किए जाने के बावजूद वर्षों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। इसका खामियाजा प्रतिदिन हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश हो या तेज धूप, यात्रियों को खुले आसमान के नीचे बसों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। सबसे अधिक कठिनाई महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों एवं दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को होती है। उन्होंने मांग की कि चिन्हित स्थल पर शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कर जनता को राहत प्रदान की जाए।

सभा में उमरियापान-खितौला मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने बताया कि लगभग सात से आठ किलोमीटर लंबा यह मार्ग बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है, लेकिन लंबे समय से इसकी अनदेखी की जा रही है। इसके साथ ही भनपुरा खुर्द से खिरवा तथा गढ़मास से भसेड़ा मोहारी टोला तक सड़क निर्माण की मांग भी दोहराई गई।

पान उत्पादन के लिए प्रदेशभर में पहचान रखने वाले उमरियापान एवं बिलहरी क्षेत्र के किसानों की समस्याएं भी आंदोलन का महत्वपूर्ण विषय रहीं। ज्ञापन में कहा गया कि राजस्व संहिता (आरबीसी) के वर्तमान प्रावधानों में आवश्यक संशोधन नहीं होने के कारण प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित पान किसानों को समय पर राहत एवं पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल पाता। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जाए तथा गत वर्ष पाला एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान का लंबित मुआवजा शीघ्र जारी किया जाए।

धरना-प्रदर्शन के दौरान नगर एवं ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पेयजल संकट, नियमित साफ-सफाई की कमी, अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था तथा साप्ताहिक बाजार के समुचित विकास का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन मूलभूत समस्याओं का सीधा प्रभाव आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है, इसलिए प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर इनका निराकरण करना चाहिए।

सभा को संबोधित करते हुए चंद्रकांत (चंदू) चौरसिया ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि विकास से जुड़े विषयों पर सभी जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर क्षेत्रहित में कार्य करना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।

धरना-प्रदर्शन के समापन पर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार इसरार खान को सौंपा गया। ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि सभी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ कराया जाए।

आंदोलन के अंत में चंद्रकांत चौरसिया ने कहा कि यदि 10 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे 15 अगस्त 2026 को उमरियापान बस स्टैंड परिसर में आत्मदाह का प्रयास करेंगे। उन्होंने इसे अपना व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए प्रशासन के समक्ष चेतावनी के रूप में प्रस्तुत किया।

समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। वहीं, आत्मदाह संबंधी चेतावनी प्रदर्शन के दौरान वक्ता द्वारा व्यक्त किया गया कथन है, जिसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अथवा प्रशासनिक प्रतिक्रिया फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

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