अडानी की एयरलाइन की चर्चा तेज,लेकिन कंपनी ने किया खंडन,नियमों में बदलाव की खबरों से बढ़ी हलचल।
देश के सबसे बड़े निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर अडानी समूह को लेकर एयरलाइन शुरू करने की अटकलें,सरकार से नियमों में बदलाव की मांग की खबरें सामने आईं,कंपनी ने कहा-फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं।
भारत के प्रमुख उद्योगपति और अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनके संभावित एयरलाइन कारोबार में प्रवेश को लेकर है। हाल के दिनों में विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि अडानी समूह देश में अपनी स्वयं की एयरलाइन शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि समूह ने सरकार से विमानन क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण नियम में बदलाव करने का अनुरोध किया है। हालांकि इन खबरों के सामने आने के बाद अडानी एंटरप्राइजेज ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया कि फिलहाल कंपनी एयरलाइन शुरू करने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।
दरअसल, अडानी समूह वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर है। समूह के पास देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों के संचालन की जिम्मेदारी है, जिनमें मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मंगलुरु सहित कई एयरपोर्ट शामिल हैं। एयरपोर्ट संचालन के क्षेत्र में लगातार विस्तार के बाद लंबे समय से यह अटकलें लगाई जाती रही हैं कि समूह भविष्य में विमानन सेवाओं के क्षेत्र में भी प्रवेश कर सकता है।
इसी बीच यह खबर सामने आई कि अडानी समूह ने ब्राजील की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) के साथ भारत में क्षेत्रीय यात्री विमानों के निर्माण और असेंबली को लेकर साझेदारी की है। इस समझौते का उद्देश्य भारत में विमान निर्माण को बढ़ावा देना और 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत विमानन विनिर्माण को नई दिशा देना बताया गया। इस साझेदारी के बाद एयरलाइन शुरू करने की चर्चाओं को और बल मिला।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि अडानी समूह ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र के उस नियम में बदलाव की मांग की है, जिसके तहत किसी बड़े एयरपोर्ट ऑपरेटर की अनुसूचित एयरलाइन में हिस्सेदारी को लेकर कुछ नियामकीय सीमाएं लागू होती हैं। यदि भविष्य में ऐसे नियमों में बदलाव होता है तो बड़े एयरपोर्ट ऑपरेटरों के लिए एयरलाइन कारोबार में प्रवेश का रास्ता आसान हो सकता है। हालांकि सरकार की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इन चर्चाओं के बीच अडानी एंटरप्राइजेज ने स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा कि कंपनी फिलहाल एयरलाइन शुरू करने के किसी प्रस्ताव का मूल्यांकन नहीं कर रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि एयरलाइन शुरू करने संबंधी चल रही अटकलें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और इस विषय में कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में अडानी समूह विमानन सेवा क्षेत्र में प्रवेश करता है तो भारतीय एविएशन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और अधिक बढ़ सकती है। वर्तमान में घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो, एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी कंपनियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में किसी बड़े औद्योगिक समूह की नई एयरलाइन बाजार की प्रतिस्पर्धा, यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और हवाई किरायों पर भी प्रभाव डाल सकती है।
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर यह कहना उचित होगा कि अडानी समूह के एयरलाइन कारोबार में प्रवेश को लेकर केवल चर्चाएं और मीडिया रिपोर्टें सामने आई हैं, लेकिन कंपनी ने स्वयं एयरलाइन शुरू करने की योजना से इनकार किया है। इसलिए यह कहना कि अडानी समूह जल्द ही अपनी एयरलाइन शुरू करने जा रहा है, अभी तथ्यात्मक रूप से सही नहीं माना जा सकता। भविष्य में यदि कंपनी या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की जाती है, तभी इस विषय पर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।यदि चाहें तो मैं इस समाचार के लिए अखबार के प्रथम पृष्ठ के अनुरूप आकर्षक थंबनेल/बैनर भी तैयार कर सकता हूँ।


