रीठी जनपद की करहिया-01 पंचायत में नाली निर्माण नहीं होने से ग्रामीण बेहाल,सरपंच-सचिव पर लापरवाही के आरोप।
5 लाख रुपये के प्रस्तावित नाली निर्माण का कार्य समय पर नहीं होने से बारिश में घरों और गलियों में भरा पानी,ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल निर्माण एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
ग्राम पंचायत करहिया-01, जनपद पंचायत रीठी के अंतर्गत आने वाले ग्राम करहिया एवं ग्राम मझगांव के ग्रामीण इन दिनों बरसात के मौसम में गंभीर समस्याओं का सामना करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर समय रहते नाली निर्माण का कार्य नहीं कराए जाने के कारण बारिश का पानी गलियों और घरों में भर रहा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को उठानी पड़ रही है जिनके घरों के आसपास जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात शुरू होने से पहले संबंधित उपयंत्री (सब इंजीनियर) द्वारा लगभग 5 लाख रुपये की लागत से नाली निर्माण का एस्टीमेट तैयार कर ग्राम पंचायत को उपलब्ध करा दिया गया था। इसके बावजूद पंचायत स्तर पर न तो निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया और न ही समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाली का निर्माण करा दिया जाता तो आज उन्हें इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत के सरपंच एवं सचिव की उदासीनता और लापरवाही के कारण स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। बारिश का पानी घरों तक पहुंचने से लोगों को आवागमन, स्वच्छता तथा दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव निवासी आसाराम लोधी के घर में लगातार बारिश का पानी भर रहा है, जिससे परिवार को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भी इस मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रीठी एवं संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर तत्काल नाली निर्माण का कार्य शुरू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके। साथ ही यदि जांच में पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे अपनी मांगों को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष ज्ञापन सौंपने के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए भी बाध्य होंगे। उनका कहना है कि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना पंचायत की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस प्रकार की लापरवाही आम नागरिकों के अधिकारों के साथ अन्याय है।


