अधिवक्ताओं के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित,नई योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी।

 अधिवक्ताओं के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित,नई योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी।

जिला सत्र न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा की विभिन्न योजनाओं,नई तकनीकों और जनहितकारी लाभों से कराया अवगत,अधिवक्ताओं के हित में विशेष बीमा सुविधाओं की उठी मांग।

कटनी। जिला सत्र न्यायालय परिसर स्थित जिला अधिवक्ता संघ सभागार में भारत सरकार की ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं सहित आमजन को ग्रामीण डाक जीवन बीमा की नवीन तकनीकों, योजनाओं एवं उनके लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यशाला में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रही।

कार्यक्रम की जानकारी समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने देते हुए बताया कि इस कार्यशाला का आयोजन जनहित को ध्यान में रखते हुए किया गया, ताकि अधिवक्ता वर्ग के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक भी डाक जीवन बीमा की लाभकारी योजनाओं से परिचित हो सकें।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रामीण डाक जीवन बीमा विकास अधिकारी जबलपुर आर.सी. लोधी रहे, जबकि अध्यक्षता जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अमित कुमार शुक्ला ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला अधिवक्ता संघ के कोषाध्यक्ष निर्मल दुबे, सह सचिव अधिवक्ता गीत मीत धवल, वरिष्ठ अधिवक्ता अंजूलता परौहा, समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी सहित अनेक पदाधिकारी मंचासीन रहे।

अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि आर.सी. लोधी ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा की स्थापना, उद्देश्य एवं वर्तमान स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ग्रामीण डाक जीवन बीमा की शुरुआत 24 मार्च 1995 को ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को कम प्रीमियम पर सुरक्षित एवं विश्वसनीय बीमा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि समय के साथ विभाग ने आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए बीमा सेवाओं को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाया है।

उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित अधिवक्ताओं को ग्रामीण डाक जीवन बीमा की प्रमुख योजनाओं ग्राम सुरक्षा (डब्ल्यूएलए), ग्राम सुविधा (सीडब्ल्यूए), ग्राम संतोष (ईए), ग्राम सुमंगल (एईए), ग्राम प्रिया (जीवाई) तथा ग्राम बाल जीवन बीमा पॉलिसी की विशेषताओं, पात्रता, प्रीमियम, लाभ एवं दावों की प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

ग्रामीण डाक जीवन बीमा के मार्केटिंग प्रभारी अंकित बिलैया ने अधिवक्ताओं को उनकी आयु, आवश्यकता एवं आर्थिक क्षमता के अनुरूप कम प्रीमियम में उपलब्ध विभिन्न बीमा योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि उचित योजना का चयन कर भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित अधिवक्ताओं के प्रश्नों के उत्तर भी दिए और बीमा संबंधी अनेक जिज्ञासाओं का समाधान किया।

समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। ऐसे में अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए निःशुल्क अथवा अत्यंत रियायती दरों पर डाक जीवन बीमा जैसी विशेष योजनाएं संचालित की जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए कम प्रीमियम वाली अलग बीमा योजनाएं लागू किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण डाक जीवन बीमा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी देने वाले पंपलेट भी उपस्थित लोगों को वितरित किए गए, जिससे अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर ग्रामीण डाक जीवन बीमा विकास अधिकारी जबलपुर आर.सी. लोधी ने जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अमित कुमार शुक्ला को नवीन कैलेंडर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विभाग एवं अधिवक्ता संघ के बीच जनजागरूकता एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को आगे भी निरंतर आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की गई।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्रामीण डाक जीवन बीमा सहायक कटनी अभिषेक यादव, सहायक प्रेमशंकर तिवारी, अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष संतु परौहा, जूनियर अधिवक्ता पूनम रैदास, माही विश्वकर्मा, गुड़िया धनवंती सहित अनेक पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं का विशेष सहयोग रहा। सभी की गरिमामयी उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

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