नर्मदा दाईं तट नहर परियोजना कांग्रेस की ऐतिहासिक देन,भाजपा केवल श्रेय लेने में जुटी-करण सिंह चौहान।

 नर्मदा दाईं तट नहर परियोजना कांग्रेस की ऐतिहासिक देन,भाजपा केवल श्रेय लेने में जुटी-करण सिंह चौहान।

1997 में कांग्रेस सरकार ने 5200 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी,कमलनाथ सरकार में निर्माण को मिली गति,सांसद विवेक तन्खा ने संसद में लगातार उठाया मुद्दा,विंध्य-महाकौशल के लाखों किसानों को मिलेगा लाभ।

कटनी।जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं छिंदवाड़ा प्रभारी करण सिंह चौहान ने जारी एक विस्तृत प्रेस बयान में नर्मदा दाईं तट नहर परियोजना (बरगी दाईं तट व्यपवर्तन नहर) को कांग्रेस सरकार की दूरदर्शी सोच, विकासवादी नीति और ऐतिहासिक निर्णय का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार आज जिस परियोजना का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, उसकी परिकल्पना, प्रशासनिक स्वीकृति, वित्तीय स्वीकृति तथा प्रारंभिक क्रियान्वयन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किया गया था। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक सिंचाई योजना नहीं, बल्कि विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और कृषि विकास की आधारशिला है।

करण सिंह चौहान ने कहा कि जब मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे, तब वर्ष 1997 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लगभग 5200 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। उस समय प्रदेश सरकार ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी थी। इसके बाद वर्ष 1999 में विधिवत भूमिपूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस सरकार का स्पष्ट उद्देश्य था कि नर्मदा नदी के जल का अधिकतम उपयोग करते हुए विंध्य और महाकौशल के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों को सिंचाई और पेयजल की स्थायी सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि यह देश की अत्यंत महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में से एक है, क्योंकि इसके माध्यम से नर्मदा बेसिन के जल का उपयोग गंगा बेसिन क्षेत्र तक पहुंचाने की परिकल्पना की गई थी। यह परियोजना केवल तकनीकी दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से लाखों किसानों के खेतों तक पानी पहुंचेगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, भूजल स्तर में सुधार आएगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्ष 2023 से 2025 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में इस परियोजना के निर्माण कार्य को नई गति प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से धीमी गति से चल रहे टनल और नहर निर्माण कार्यों में तेजी लाई गई तथा विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर लंबित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया गया। उनके अनुसार कांग्रेस सरकार ने इस परियोजना को केवल घोषणा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे धरातल पर आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए।

करण सिंह चौहान ने राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा के योगदान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समय-समय पर संसद के भीतर और बाहर इस परियोजना को शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई। उन्होंने लगातार केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण योजना की ओर आकर्षित किया तथा विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि परियोजना के इतिहास में सांसद विवेक तन्खा के प्रयासों को भी उचित सम्मान और स्थान मिलना चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री के हालिया स्लीमनाबाद टनल परियोजना के निरीक्षण और नर्मदा जल को शीघ्र नहरों में प्रवाहित किए जाने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का यह वक्तव्य स्वयं इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार द्वारा वर्षों पहले तैयार किया गया विजन आज साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार ने इस परियोजना की मजबूत नींव नहीं रखी होती तो आज इसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलने की स्थिति नहीं बन पाती।

करण सिंह चौहान ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले लगभग दो दशकों के शासनकाल में परियोजना की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि जिस परियोजना का लाभ किसानों और आम नागरिकों को वर्ष 2013 तक मिल जाना चाहिए था, वह विभिन्न प्रशासनिक कारणों, कार्यों में विलंब तथा निर्माण की धीमी गति के कारण वर्षों तक अधूरी रही। इसके परिणामस्वरूप लाखों किसान सिंचाई सुविधा से वंचित रहे और क्षेत्र के विकास की गति भी प्रभावित हुई।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 में तैयार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) में ही यह स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया था कि लगभग 197 किलोमीटर लंबी नहर एवं स्लीमनाबाद टनल प्रणाली के माध्यम से कटनी, मैहर, सतना, रीवा, सीधी तथा जबलपुर सहित कई जिलों के लगभग 6 लाख 85 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त लाखों ग्रामीण और शहरी नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराने की भी व्यापक योजना तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि नर्मदा दाईं तट नहर परियोजना भविष्य में प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं में शामिल होगी। इससे जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, फसल विविधीकरण तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल वर्तमान पीढ़ी ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी विकास का आधार बनेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा विकास को राजनीति से ऊपर रखा और जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। आज जब परियोजना अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है, तब उसके वास्तविक इतिहास और योगदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए। जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस परियोजना की कल्पना किसने की, प्रशासनिक स्वीकृति किसने दी और इसे धरातल पर उतारने की शुरुआत किस सरकार ने की।

अपने बयान के अंत में करण सिंह चौहान ने कहा कि यदि आज विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और शहरों में नर्मदा जल पहुंचने की उम्मीद मजबूत हुई है तो उसका मूल आधार कांग्रेस सरकार की दूरदर्शी सोच, विकासोन्मुख नीतियां और जनकल्याणकारी निर्णय हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को केवल उद्घाटन और श्रेय लेने की राजनीति से ऊपर उठकर परियोजना के वास्तविक इतिहास को स्वीकार करना चाहिए तथा जनता के सामने तथ्यों को ईमानदारी के साथ प्रस्तुत करना चाहिए।

यह प्रेस वक्तव्य कांग्रेस नेता करण सिंह चौहान द्वारा जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने नर्मदा दाईं तट नहर परियोजना के इतिहास, प्रशासनिक स्वीकृति, निर्माण प्रक्रिया तथा विभिन्न राजनीतिक नेतृत्व के योगदान को लेकर अपना पक्ष और अपने दावे प्रस्तुत किए हैं।

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