घर में सो रहे युवक की सर्पदंश से दर्दनाक मौत,देवरी के पिपरिया गांव में पसरा मातम।
रात में जहरीले काले सांप ने काटा,परिवार का मुख्य सहारा छिनने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल,ग्रामीणों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की।
ढीमरखेड़ा। जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत देवरी के अंतर्गत आने वाले पिपरिया गांव में सोमवार की रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां घर में सो रहे एक युवक की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है, वहीं मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिपरिया निवासी दिलीप विश्वकर्मा, पिता ईश्वरी विश्वकर्मा, सोमवार की रात अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान एक जहरीले काले सांप ने उन्हें काट लिया। बताया जाता है कि सर्पदंश की जानकारी मिलते ही परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन देखते ही देखते जहर पूरे शरीर में फैल गया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मंगलवार सुबह ग्रामीणों को मिली तो बड़ी संख्या में लोग मृतक के घर पहुंच गए। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन को दी, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई।
बताया जा रहा है कि दिलीप विश्वकर्मा अपने परिवार के मुख्य सहारा थे। उनकी असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि मेहनतकश और मिलनसार स्वभाव के दिलीप की अचानक हुई मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का वातावरण है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता एवं शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि इस कठिन समय में परिवार को कुछ राहत मिल सके। साथ ही ग्रामीणों ने बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जनजागरूकता अभियान चलाने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
बरसात के मौसम में खेतों और रिहायशी क्षेत्रों में सांपों की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे में विशेषज्ञ भी लोगों को सावधानी बरतने, घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, रात में जमीन पर सोने से बचने तथा सर्पदंश की स्थिति में बिना देरी किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह देते हैं। पिपरिया गांव की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के प्रति जागरूकता और समय पर उपचार व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित करती है।


