13 वर्षीय बालिका का बाल विवाह समय रहते रुका,महिला एवं बाल विकास विभाग की त्वरित कार्रवाई।

 13 वर्षीय बालिका का बाल विवाह समय रहते रुका,महिला एवं बाल विकास विभाग की त्वरित कार्रवाई।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली शिकायत के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर रुकवाई शादी,परिजनों को समझाइश देकर कराया कानून का पालन।

महिला एवं बाल विकास विभाग की तत्परता से सिरोंज परियोजना अंतर्गत एक 13 वर्षीय नाबालिग बालिका का बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया। विभाग को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम पंचायत कांदाखेड़ी के ग्राम छुट्आ में एक नाबालिग बालिका का विवाह 14 जुलाई 2026 को कराया जाना प्रस्तावित है। शिकायत मिलते ही विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सूचना तत्काल जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता लोढ़ा को उपलब्ध कराई गई। उनके मार्गदर्शन में प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती ईमाबेला किस्पोट्टा के नेतृत्व में परियोजना स्तर की टीम को तत्काल संबंधित ग्राम के लिए रवाना किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसकी जन्म तिथि 20 फरवरी 2013 दर्ज पाई गई। दस्तावेजों के आधार पर बालिका की आयु मात्र 13 वर्ष होने की पुष्टि हुई।

जांच के दौरान टीम ने पाया कि बालिका के घर पर विवाह की तैयारियां चल रही थीं तथा मंडप भी सजाया जा रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने परिजनों एवं उपस्थित रिश्तेदारों से विस्तृत चर्चा की और उन्हें बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक दुष्परिणामों के साथ-साथ बाल विवाह निषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

समझाइश के बाद परिजनों ने विभाग की बात को स्वीकार किया और नाबालिग बालिका का विवाह तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया। इस प्रकार विभाग की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से एक बालिका का भविष्य सुरक्षित किया जा सका।

बाल विवाह रोकने की इस कार्रवाई के दौरान प्रभारी परियोजना अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा पुलिस विभाग के आरक्षक भी मौके पर उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया कि बालिका के अधिकारों की रक्षा हो तथा कानून का पूर्णतः पालन कराया जाए।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। विभाग का कहना है कि बाल विवाह केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालने वाली सामाजिक कुरीति है, जिसे समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।

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