मुख्यमंत्री से नहीं मिला तत्काल ठोस आश्वासन,पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट के बाद ही सिहोरा जिला पर होगा निर्णय।

 मुख्यमंत्री से नहीं मिला तत्काल ठोस आश्वासन,पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट के बाद ही सिहोरा जिला पर होगा निर्णय।

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा,मुख्यमंत्री ने आयोग को दावा भेजने और निष्पक्ष परीक्षण का दिया भरोसा।

सिहोरा,ग्रामीण खबर MP।

 सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से हुई महत्वपूर्ण चर्चा में फिलहाल कोई स्पष्ट और तत्काल ठोस आश्वासन नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि मध्य प्रदेश में जिलों के पुनर्गठन को लेकर राज्य सरकार एक सुव्यवस्थित और संतुलित प्रक्रिया अपना रही है, जिसके तहत जिला एवं संभाग पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया है। आयोग का उद्देश्य राज्य में जनसंख्या असंतुलन, प्रशासनिक जटिलताओं और क्षेत्रीय असमानताओं का अध्ययन कर व्यवहारिक सिफारिशें प्रस्तुत करना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट आने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है और इसी रिपोर्ट के आधार पर नए जिलों एवं संभागों के गठन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति द्वारा प्रस्तुत सिहोरा जिले का प्रस्ताव आयोग को विधिवत प्रेषित किया जाएगा, ताकि उसका समुचित परीक्षण किया जा सके।

चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात सिहोरा को जिला बनाए जाने के दावे का गंभीरता, निष्पक्षता और न्यायसंगत दृष्टिकोण से परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं करना चाहती और प्रशासनिक दृष्टि से जो भी निर्णय होगा, वह व्यापक अध्ययन और तथ्यों के आधार पर ही लिया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार जबलपुर को मेट्रोपोलियन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इस विकास प्रक्रिया में आसपास के क्षेत्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और सिहोरा को इस समग्र विकास मॉडल में शामिल करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े के मोबाइल फोन के माध्यम से सिहोरा में आमरण एवं अन्न सत्याग्रह पर बैठे प्रमोद साहू से प्रत्यक्ष बातचीत भी की। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सिहोरा जिले के दावे को औपचारिक रूप से पुनर्गठन आयोग के समक्ष रखा जाएगा और आयोग की सिफारिशों के बाद इस विषय में निर्णय लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रमोद साहू से उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सत्याग्रह समाप्त करने और भोजन ग्रहण करने का आग्रह भी किया।

बैठक में सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े, पूर्व विधायक दिलीप दुबे सहित लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने सिहोरा को जिला बनाए जाने के लिए प्रशासनिक, भौगोलिक और सामाजिक तर्क मुख्यमंत्री के समक्ष रखे तथा लंबे समय से चली आ रही जनभावना से भी अवगत कराया।

बैठक के उपरांत लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल सिहोरा लौटकर आंदोलन की वर्तमान स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक करेगा। समिति ने स्पष्ट किया कि समीक्षा के बाद ही आंदोलन की आगामी दिशा और किसी अंतिम निर्णय की घोषणा की जाएगी।

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