20 मार्च को पिपरिया तिराहा में होगा अश्वारोही वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का भव्य अनावरण।
बलिदान दिवस को ऐतिहासिक स्वरूप देने ग्राम पिपरिया में व्यापक बैठक सम्पन्न, आयोजन हेतु विशेष समिति गठित।
बहोरीबंद,ग्रामीण खबर MP।
बहोरीबंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम पिपरिया में 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी योद्धा, रेवांचल क्षेत्र में जनचेतना और स्वाभिमान की अलख जगाने वाली वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी जी के बलिदान दिवस को ऐतिहासिक, भव्य एवं स्मरणीय स्वरूप प्रदान करने की तैयारियाँ प्रारंभ हो गई हैं। इसी क्रम में आगामी 20 मार्च 2026 को ग्राम पिपरिया के पिपरिया तिराहा में स्थापित की जा रही महारानी अवंती बाई लोधी जी की भव्य अश्वारोही प्रतिमा के अनावरण को लेकर एक महत्वपूर्ण एवं व्यापक बैठक का आयोजन किया गया।
यह बैठक ग्राम पिपरिया सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों के नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 20 मार्च 2026 को आयोजित होने वाला प्रतिमा अनावरण एवं बलिदान दिवस कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन न होकर क्षेत्र के इतिहास में एक प्रेरणास्पद और गौरवशाली अध्याय बने, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ समयबद्ध और योजनाबद्ध ढंग से की जाएंगी।
बैठक के दौरान कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें मंच सज्जा, अतिथियों के स्वागत एवं सत्कार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति, देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रमों का आयोजन, स्थानीय कलाकारों की सहभागिता, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, मीडिया समन्वय तथा श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की सुविधाओं को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से एक विशेष आयोजन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति कार्यक्रम से जुड़ी समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाएगी। समिति के अंतर्गत विभिन्न उप-समितियों का भी गठन किया जाएगा, जो अलग-अलग दायित्वों जैसे मंच व्यवस्था, सांस्कृतिक आयोजन, अतिथि समन्वय, सुरक्षा एवं अनुशासन, यातायात नियंत्रण, आर्थिक प्रबंधन और सहयोग संग्रहण का कार्य करेंगी।
आर्थिक प्रबंधन को लेकर भी बैठक में गंभीर और व्यावहारिक चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन समाज और क्षेत्र की सामूहिक आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। सभी ने अपनी-अपनी क्षमता अनुसार सहयोग देने का संकल्प लिया, ताकि आयोजन किसी भी प्रकार की कमी के बिना गरिमामय ढंग से संपन्न हो सके।
बैठक में वक्ताओं ने महारानी अवंती बाई लोधी के संघर्षमय जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महारानी अवंती बाई लोधी केवल एक शासिका नहीं थीं, बल्कि वे अन्याय, शोषण और विदेशी सत्ता के विरुद्ध संघर्ष की प्रतीक थीं। 1857 की क्रांति के दौरान उन्होंने जिस साहस, नेतृत्व और स्वाभिमान का परिचय दिया, वह आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका बलिदान यह संदेश देता है कि जब बात मातृभूमि के सम्मान की हो, तो नारी शक्ति भी किसी से कम नहीं होती।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि महारानी अवंती बाई लोधी का जीवन नई पीढ़ी के लिए एक आदर्श है। उनके शौर्य, आत्मसम्मान और बलिदान की गाथा को जन-जन तक पहुँचाना हम सभी का कर्तव्य है। प्रतिमा का अनावरण केवल एक स्मारक का उद्घाटन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
बैठक में ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भाई राकेश लोधी, गोविंद चौधरी, नारायण सिंह नन्ना, अमन सिंह, डॉ. नारायण पटेल, बिहारी पटेल, गोविंद सिंह, पुनेंद्र पटेल, गंगाराम, राजेश उर्फ पिल्लू, कैलाश महतों, देव सिंह, रामसहाय, रामलाल, नर्मदा प्रसाद, आर.एस. लोधी, जवाहर लोधी, जगन्नाथ सोनी, राममिलन दुबे, द्वारका पाठक, धर्मेन्द्र साहू, सरपंच गंगाराम, राजेंद्र लोधी, डॉ. गंगाराम लोधी, पूर्व सरपंच कैलाश महतों, राम महतों, शंकर लाल महतों, रामलाल पटवारी, जे.पी. पटेल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रीय नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को लेकर उत्साह, एकजुटता और सामाजिक चेतना का स्पष्ट परिचय दिया। सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि 20 मार्च 2026 को आयोजित होने वाला प्रतिमा अनावरण एवं बलिदान दिवस कार्यक्रम पूर्ण अनुशासन, गरिमा और ऐतिहासिक भव्यता के साथ संपन्न किया जाएगा, जिसमें न केवल क्षेत्र बल्कि दूर-दराज के अंचलों से भी लोग पहुँचकर महारानी अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
अंत में बैठक का समापन राष्ट्रभक्ति और ओज से भरे नारों के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित जनों ने महारानी अवंती बाई लोधी के आदर्शों पर चलने और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया।








