पत्रकारों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं,बीमा प्रीमियम व जीएसटी शून्य करने तथा पाँच लाख की निशुल्क स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की उठी मांग।

 पत्रकारों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं,बीमा प्रीमियम व जीएसटी शून्य करने तथा पाँच लाख की निशुल्क स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की उठी मांग।

मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई कटनी ने मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा ज्ञापन।

कटनी,ग्रामीण खबर MP:

मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष दादा शलभ भदौरिया के निर्देश पर कटनी जिला इकाई ने बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी कटनी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पत्रकारों के स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा से संबंधित गंभीर मुद्दों को विस्तार से रखा गया और सरकार से तुरंत ठोस निर्णय लेने की मांग की गई।

ज्ञापन में संघ ने स्पष्ट उल्लेख किया कि हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग ने पत्रकार कल्याण बीमा कराने का विज्ञापन जारी किया है। इस विज्ञापन में अधिमान्यता प्राप्त और गैर-अधिमान्य दोनों वर्गों के पत्रकारों के लिए बीमा की प्रीमियम राशि में भारी वृद्धि कर दी गई है। जहाँ पहले से ही पत्रकार साथियों को बीमा प्रीमियम भरने में कठिनाई होती थी, वहीं अब नई दरें और उस पर लगाए गए 18 प्रतिशत जीएसटी ने उनकी आर्थिक स्थिति को और अधिक संकट में डाल दिया है।

पत्रकार संघ ने कहा कि पत्रकार समाज का वह वर्ग है जो निरंतर जनता और शासन-प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करता है। ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरों तक हर समस्या को उजागर करने वाले पत्रकार स्वयं आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। अनेक पत्रकार ऐसे हैं जिन्हें उनके संस्थानों की ओर से कोई वित्तीय सहयोग प्राप्त नहीं होता है। ऐसे पत्रकारों के लिए बढ़ी हुई प्रीमियम राशि वहन करना असंभव है। अतः सरकार से आग्रह किया गया है कि वर्ष 2025-26 के लिए बीमा प्रीमियम राशि और उस पर लगाए गए जीएसटी को सहानुभूतिपूर्वक शून्य किया जाए।

संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि पत्रकारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से पाँच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा योजना निशुल्क लागू की जाए। ऐसा होने से पत्रकार न केवल आत्मनिर्भर महसूस करेंगे बल्कि अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और अधिक निष्ठा एवं निडरता से कर सकेंगे।

ज्ञापन में यह चेतावनी भी दी गई कि यदि सरकार ने तीन दिवस के भीतर पत्रकारों की इन वाजिब मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ मजबूरन इस बीमा योजना को अस्वीकार करने के लिए बाध्य होगा। संघ ने सरकार को याद दिलाया कि पत्रकार समाज लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसकी उपेक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर सकती है।

साथ ही संघ ने यह भी मांग रखी कि पत्रकार कल्याण बीमा योजना हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 22 सितंबर से बढ़ाकर 30 सितंबर तक की जाए। इसका कारण यह बताया गया कि सरकार द्वारा अंतिम निर्णय लिए जाने के बाद संगठन को भी अपनी रणनीति तय करनी है, जिसके लिए समय सीमा बढ़ाना आवश्यक है।

ज्ञापन सौंपने के अवसर पर जिला इकाई के पदाधिकारी एवं सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान जिलाध्यक्ष पंडित राकेश तिवारी ने कहा कि पत्रकार समाज हमेशा जनहित और लोकतंत्र की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता आया है, किंतु सरकार को भी पत्रकारों के जीवन सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर संवेदनशील होना चाहिए। कार्यकारी अध्यक्ष नवनीत गुप्ता ने कहा कि बढ़े हुए प्रीमियम और जीएसटी का बोझ पत्रकार साथियों के लिए असहनीय है, इसलिए सरकार को इसे तुरंत शून्य करना चाहिए।

महासचिव अज्जू सोनी ने कहा कि पत्रकार साथी अपनी जान जोखिम में डालकर समाज के लिए कार्य करते हैं, लेकिन जब उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की बात आती है तो सरकार को भी आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। उपाध्यक्ष अनंत राम गुप्ता, सचिव अजय उपाध्याय, संयुक्त सचिव सुरेश उसरेठे और संयुक्त सचिव संतोष पटेल ने भी ज्ञापन के महत्व और पत्रकारों की समस्याओं को विस्तार से अधिकारियों के समक्ष रखा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अमित जैन, ढीमरखेड़ा तहसील सचिव सुखचैन पटेल, नवीन चौदहा,दीनदयाल रजक, विमल सोनी सहित कई अन्य पत्रकार साथी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि जब तक सरकार पत्रकारों की जायज मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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कटनी से रिपोर्टर दीनदयाल रजक।

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