जमीन बिक्री के नाम पर 24.52 लाख की ठगी का भंडाफोड़,दो आरोपी गिरफ्तार,मास्टरमाइंड सहित दो फरार।
फर्जी बैंक खातों के जरिए सुनियोजित तरीके से की गई धोखाधड़ी का खुलासा,ढीमरखेड़ा पुलिस की सख्त कार्रवाई,फरार आरोपियों की तलाश तेज।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र में जमीन विक्रय के नाम पर की गई लाखों रुपये की संगठित ठगी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के दो अन्य मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस द्वारा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा द्वारा जिले में अपराधों पर नियंत्रण एवं आपराधिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस मामले में त्वरित एवं सटीक कार्रवाई करते हुए ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब फरियादी रणजीत पटेल, पिता घासीराम पटेल, निवासी ग्राम बरेली ने थाना ढीमरखेड़ा में शिकायत दर्ज कराई। फरियादी ने आरोप लगाया कि दिलीप दुबे, मनीष पांडे, मुकुंदी पटेल एवं मुकेश पटेल ने मिलकर उसे महर्षि महेश योगी संस्थान की जमीन बेचने का झांसा दिया और विश्वास में लेकर उससे 24 लाख 52 हजार रुपये की बड़ी राशि हड़प ली। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 63/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 318(2), 318(4), 319(2), 336(3) एवं 61(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने ठगी की रकम को छिपाने और लेन-देन को वैध दर्शाने के लिए फर्जी बैंक खातों का सहारा लिया था। मुख्य आरोपी मुकेश पटेल द्वारा एस.आर.एम. फाउंडेशन ऑफ इंडिया के नाम से एक फर्जी बैंक खाता खुलवाया गया था। इसी खाते के माध्यम से ठगी की गई राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर उसका दुरुपयोग किया जाता था।
इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि मुकेश पटेल ने अपने सहयोगी मुकुंदी पटेल के नाम से भी फर्जी बैंक खाता खुलवाया था, जिसका उपयोग आरोपी मनीष पांडे एवं दिलीप दुबे द्वारा अपने निजी खातों में रकम स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था। इस प्रकार आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत कई स्तरों पर धोखाधड़ी को अंजाम दिया और फरियादी को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान पहुंचाया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी मुकुंदी पटेल, पिता पुन्नूलाल, निवासी हरदुआ कलां थाना विजयराघवगढ़ तथा मुकेश पटेल, पिता कुंजीलाल पटेल, निवासी जागृति कॉलोनी थाना एनकेजे को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
मामले में शामिल अन्य आरोपी मनीष पांडे एवं दिलीप दुबे अभी फरार हैं। पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला न केवल आर्थिक अपराध का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार आरोपी योजनाबद्ध तरीके से फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों का उपयोग कर लोगों को ठगते हैं। ऐसे मामलों में आम नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है तथा किसी भी प्रकार की जमीन खरीद-फरोख्त से पूर्व संबंधित दस्तावेजों की पूरी जांच करना अत्यंत आवश्यक है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे, उप निरीक्षक सुरेश चौधरी, सहायक उप निरीक्षक जयपाल सिंह, प्रधान आरक्षक सुब्बचन यादव, आरक्षक पंकज सिंह, देवेंद्र अहिरवार, डुमनदास एवं गंधर्व सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सतर्कता और सक्रियता से इस बड़े धोखाधड़ी मामले का खुलासा संभव हो सका।
