उमरियापान पुलिस की बड़ी सफलता,3 दिन में 3 अपहृत बालिकाएं व 2 गुमशुदा महिलाएं सकुशल बरामद।
कई जिलों और राज्यों में चलाया गया सर्च ऑपरेशन,परिजनों को सौंपे गए सभी पीड़ित,पुलिस टीम की तत्परता और समन्वय की सराहना।
उमरियापान,ग्रामीण खबर MP।
जिले की उमरियापान पुलिस ने एक बार फिर अपनी सक्रियता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए एक उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। महज तीन दिनों के भीतर तीन अपहृत बालिकाओं एवं दो गुमशुदा महिलाओं को सकुशल बरामद कर पुलिस ने न केवल एक बड़ी चुनौती को पार किया, बल्कि पीड़ित परिवारों के चेहरे पर खुशी भी लौटाई है। इस सराहनीय उपलब्धि से आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और भी सुदृढ़ हुआ है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) द्वारा जिले में अपहृत बालक-बालिकाओं एवं गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र दस्तयाबी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। इसी के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के दिशा निर्देशन में थाना उमरियापान स्तर पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी उप निरीक्षक महेन्द्र जायसवाल द्वारा किया गया।
गठित टीम ने पूरी गंभीरता और रणनीतिक योजना के साथ कार्य करते हुए विभिन्न संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी। जांच के दौरान प्राप्त तकनीकी एवं मानवीय सूचनाओं के आधार पर टीम को कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर टीम को जिले के बाहर भी रवाना किया गया। पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश के जबलपुर और खरगोन जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों पुणे, औरंगाबाद एवं नागपुर में भी सघन तलाश अभियान चलाया। कई स्थानों पर स्थानीय पुलिस से समन्वय स्थापित कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया, जिससे कार्यवाही को गति मिली।
इस पूरे अभियान के दौरान अपराध क्रमांक 317/2025, 06/2026 एवं 30/2026, जो धारा 137(2) बी.एन.एस. के तहत दर्ज थे, से संबंधित अपहृत बालिकाओं को सफलतापूर्वक बरामद किया गया। साथ ही गुम इंसान क्रमांक 13/2024 एवं 14/2026 के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों में गुमशुदा महिलाओं को भी खोज निकालने में टीम सफल रही। पुलिस द्वारा सभी पीड़ितों को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया, जो इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
दस्तयाबी के उपरांत सभी अपहृत बालिकाओं एवं गुमशुदा महिलाओं को विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। जैसे ही परिजनों को अपने लापता सदस्य सकुशल वापस मिले, उनके चेहरे पर खुशी और राहत साफ झलकने लगी। कई परिवारों ने भावुक होकर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि पुलिस की तत्परता और मेहनत के कारण ही यह संभव हो पाया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के मामलों में समय पर कार्रवाई और सही दिशा में जांच अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। टीम ने तकनीकी साधनों, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, साइबर इनपुट और स्थानीय मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग करते हुए सुरागों को जोड़ा और कम समय में सफलता प्राप्त की। यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में पीड़ितों को बहला-फुसलाकर अन्य शहरों में ले जाया गया था, जिन्हें पुलिस ने खोज निकालकर सुरक्षित वापस लाया।
इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी उप निरीक्षक महेन्द्र जायसवाल के नेतृत्व में उप निरीक्षक भरत सिंह मार्को, सहायक उप निरीक्षक कोदूलाल दाहिया, सहायक उप निरीक्षक गया प्रसाद मंगोरे, प्रधान आरक्षक आशीष झारिया, प्रधान आरक्षक अजय सिंह, आरक्षक योगेश पटेल तथा सायबर सेल कटनी से आरक्षक शुभम गौतम, अमित श्रीपाल एवं सतेन्द्र राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने टीम भावना के साथ कार्य करते हुए इस सफलता को संभव बनाया।
उमरियापान पुलिस की इस उपलब्धि को जिले में कानून व्यवस्था के प्रति सजगता और जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार इस प्रकार की कार्यवाहियों से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया जा रहा है कि अपराधियों के लिए कहीं भी सुरक्षित स्थान नहीं है और कानून से बच पाना संभव नहीं है। साथ ही यह भी दर्शाता है कि पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पुलिस हर स्तर पर गंभीर और प्रतिबद्ध है।
इस सफलता के बाद क्षेत्र के नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान में वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से समाज में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के मामलों में सख्ती और तत्परता के साथ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि हर पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके और समाज में शांति एवं कानून व्यवस्था बनी रहे।
