जनपद पंचायत रीठी में अध्यक्ष पद पर श्यामाबाई निर्विरोध निर्वाचित।
अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला ने रचा इतिहास,जनप्रतिनिधियों की सहमति से बिना मतदान हुआ निर्वाचन।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
जनपद पंचायत रीठी के अध्यक्ष पद के लिए आयोजित निर्वाचन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि लोकतंत्र में सहमति, समरसता और सामाजिक संतुलन की भावना यदि मजबूत हो, तो चुनावी प्रक्रिया भी उत्सव का रूप ले लेती है। इस बार जनपद पंचायत रीठी में अध्यक्ष पद के निर्वाचन में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहां अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने वाली श्यामाबाई, पति महेन्द्र सिंह, को सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।
यह निर्वाचन कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। एक ओर जहां यह चुनाव अनारक्षित अध्यक्ष पद के लिए था, वहीं दूसरी ओर अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला का इस पद पर निर्विरोध चयन सामाजिक समरसता, समान अवसर और महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। ग्रामीण अंचलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का यह परिणाम न केवल क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक है।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मंगलवार को जनपद पंचायत रीठी के सभाकक्ष में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराई गई। निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रातः 11 बजे से बैठक प्रारंभ हुई, जिसमें सभी निर्वाचित जनपद सदस्य उपस्थित रहे। निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया पीठासीन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटनी प्रमोद चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया प्रातः 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक जारी रही। इस दौरान केवल एक ही नाम निर्देशन पत्र श्यामाबाई के समर्थन में प्रस्तुत किया गया। यह अपने आप में दर्शाता है कि जनपद के सभी सदस्यों में उनके प्रति विश्वास और सहमति का भाव पहले से ही मौजूद था।
नाम निर्देशन पत्र प्राप्त होने के बाद उसकी विधिवत जांच की गई। जांच के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण एवं सही पाए गए, जिसके बाद नामांकन को विधिमान्य घोषित किया गया। चूंकि अध्यक्ष पद के लिए कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में नहीं था, इसलिए निर्वाचन की प्रक्रिया के अनुसार श्यामाबाई को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
निर्वाचन के दौरान निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक प्रकाश व्यास की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर जनपद पंचायत रीठी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश नरेन्द्र सिंह सहित सभी जनपद सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में सहयोग प्रदान किया।
पीठासीन अधिकारी द्वारा औपचारिक घोषणा के उपरांत श्यामाबाई को अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। कई जनप्रतिनिधियों ने अपने वक्तव्यों में कहा कि श्यामाबाई का नेतृत्व जनपद क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा और जनहित से जुड़े कार्यों को गति प्रदान करेगा।
इस निर्वाचन की विशेषता यह भी रही कि इसमें किसी प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा या विवाद की स्थिति नहीं बनी। सभी सदस्यों ने आपसी सहमति और विश्वास के साथ एकमत होकर नेतृत्व का चयन किया, जो कि लोकतंत्र के स्वस्थ स्वरूप का परिचायक है। यह दर्शाता है कि जब जनप्रतिनिधि व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हैं, तब इस प्रकार के सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से भी यह निर्वाचन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज के समय में ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आगे आ रही हैं और अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। श्यामाबाई का निर्विरोध निर्वाचन इस बात का प्रमाण है कि समाज अब महिलाओं को निर्णय लेने की भूमिका में स्वीकार कर रहा है और उन्हें अवसर प्रदान कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस निर्वाचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई अध्यक्ष क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं जैसे पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देंगी। साथ ही, महिलाओं और कमजोर वर्गों के हितों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगी।
जनपद पंचायत रीठी में हुआ यह निर्विरोध निर्वाचन न केवल प्रशासनिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी एक सकारात्मक संदेश देने में सफल रहा है। यह घटना इस बात का संकेत है कि अब ग्रामीण भारत में भी जागरूकता बढ़ रही है और लोग विकास, समरसता तथा सहभागिता के आधार पर नेतृत्व का चयन कर रहे हैं।
आने वाले समय में श्यामाबाई से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे जनपद पंचायत के सभी सदस्यों को साथ लेकर समन्वय के साथ कार्य करेंगी और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उनका यह निर्विरोध निर्वाचन निश्चित रूप से क्षेत्र के विकास और सामाजिक एकता की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
