कटनी में सड़क सुरक्षा का बड़ा अभियान,लाइव एक्सीडेंट डेमो और नि:शुल्क हेलमेट वितरण से जागरूक हुए नागरिक।
ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की संयुक्त पहल,यातायात नियमों के पालन,हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व का दिया संदेश।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाली जनहानि को देखते हुए कटनी शहर में आज एक व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रोजेक्ट डायरेक्टर सतना आनंद प्रसाद के निर्देशन में किया गया, जिसमें ट्रैफिक पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिलकर आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में यातायात नियमों के पालन की भावना विकसित करना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों को सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। ट्रैफिक टीआई राहुल पांडेय अपनी टीम सहित पूरे कार्यक्रम में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं की सुरक्षा और परिवार की जिम्मेदारी को समझते हुए यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रभावशाली हिस्सा लाइव एक्सीडेंट डेमो रहा। इस डेमो के माध्यम से यह दिखाया गया कि बिना हेलमेट वाहन चलाना, तेज गति से वाहन दौड़ाना, सीट बेल्ट का उपयोग न करना और शराब पीकर वाहन चलाना किस प्रकार गंभीर दुर्घटनाओं और जानलेवा स्थितियों को जन्म देता है। डेमो को देखकर मौजूद नागरिकों ने सड़क सुरक्षा के महत्व को गहराई से समझा और यातायात नियमों के पालन का संकल्प लिया।
इस दौरान दोपहिया वाहन चालकों को नि:शुल्क हेलमेट भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि हेलमेट केवल चालान से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें सिर में गंभीर चोट लगने के कारण होती हैं, जिन्हें हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है। इसी तरह चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के फायदे भी विस्तार से समझाए गए।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग न करने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। जब तक लोग स्वयं जागरूक नहीं होंगे, तब तक सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना संभव नहीं होगा।
कार्यक्रम के दौरान यातायात नियमों से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए, जिनमें सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक निर्देश और सावधानियां शामिल थीं। अधिकारियों ने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे स्टंटबाजी, ओवरस्पीड और लापरवाह ड्राइविंग से बचें, क्योंकि ऐसे कृत्य न केवल उनकी बल्कि अन्य लोगों की जान को भी खतरे में डालते हैं।
इस अवसर पर कुंदन गौतम, सौरभ राय, मनीष पांडेय, राकेश कुमार, त्रिपुरारी पाण्डेय, आदर्श त्रिपाठी एवं पंकज सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
कार्यक्रम को लेकर शहरवासियों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। नागरिकों ने प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि लोगों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बनी रहे। कई लोगों ने यह भी कहा कि लाइव एक्सीडेंट डेमो ने उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया है।
सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि सावधानी, अनुशासन और यातायात नियमों का पालन ही सुरक्षित जीवन की सबसे बड़ी गारंटी है। यदि प्रत्येक नागरिक जिम्मेदारीपूर्वक वाहन चलाए और सुरक्षा नियमों का पालन करे, तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।








