किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई को लेकर घंटाघर में गरजा संयुक्त मोर्चा,कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन।
कृषि मंडी में किसान से अभद्रता करने वाले व्यापारी पर कार्रवाई,गेहूं खरीदी व्यवस्था सुधारने,खाद-बिजली संकट दूर करने और धीरेंद्र शास्त्री पर FIR की मांग,बड़ी संख्या में जुटे संगठन व पार्टी कार्यकर्ता।
जबलपुर,ग्रामीण खबर MP।
5 मई को घंटाघर जबलपुर में अखिल भारतीय ओबीसी महासभा, ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा एवं समाजवादी पार्टी के तत्वावधान में किसानों, पिछड़े वर्गों और आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कहा कि जबलपुर कृषि मंडी में किसानों के साथ लगातार अन्याय और अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में एक व्यापारी द्वारा किसान के साथ किए गए दुर्व्यवहार को गंभीर बताते हुए संबंधित व्यापारी पर कठोर कार्रवाई कर उसका लाइसेंस निरस्त करने की मांग उठाई गई। संगठन ने कहा कि किसान देश की रीढ़ है और उसके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन में गेहूं खरीदी व्यवस्था की खामियों को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि स्लॉट बुकिंग, बिलिंग, फिंगरप्रिंट, स्लॉट कैंसिलेशन और सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। कई किसानों को कई दिनों तक खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की परेशानियां बढ़ रही हैं। संयुक्त मोर्चा ने खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी एवं सरल बनाने तथा कमीशनखोरी पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की।
तहसील सिहोरा की नुंजी शैलवारा सोसायटी पर लगे प्रतिबंध को हटाकर वहां पुनः खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संगठन के नेताओं ने कहा कि खरीदी केंद्र बंद होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए पर्याप्त खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हर वर्ष खाद संकट के कारण किसानों को परेशान होना पड़ता है। इसलिए प्रशासन अभी से पर्याप्त भंडारण और वितरण की तैयारी करे, ताकि धान सीजन में किसानों को परेशानी न उठानी पड़े।
कृषि बिजली समस्याओं को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। ज्ञापन में ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभे, तार, पर्याप्त बिजली सप्लाई और हॉर्सपावर लोड से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की गई। संगठन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की बदहाली का सीधा असर खेती और किसानों की आय पर पड़ रहा है।
राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को सरल और समयबद्ध बनाने की मांग करते हुए संयुक्त मोर्चा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों तक भटकना पड़ता है। ग्राम सेवकों और पटवारियों को सप्ताह में पांच दिन गांवों में बैठने के आदेश जारी किए जाने की मांग भी की गई, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो सके।
ज्ञापन में अनाज का एमएसपी कानून बनाकर लागू करने तथा समर्थन मूल्य पर खरीदी के सभी सिस्टमों में सुधार की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि जब तक किसानों को उनकी उपज का कानूनी रूप से सुनिश्चित समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो सकेगी।
इस दौरान संयुक्त मोर्चा ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज पर कथित गलत टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही पाटन लोहारी निवासी अविनाश पटेल पर किसी भी प्रकार का दबाव न बनाए जाने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई।
कार्यक्रम में एडवोकेट इंद्रकुमार पटेल, डॉ. सत्येंद्र यादव, नोकेलाल प्रजापति, ओबीसी जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार कुर्मी, माया हुरमाड़े, राजेश यादव, इमरत लाल नूनिया, घनश्याम यादव, संतकुमार पटैल, रोहित यादव, दीपक यादव, अनिल पटेल, बबलू नागर, ललित पटेल, लखन पटेल सहित बड़ी संख्या में संगठन एवं पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान किसानों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों को लेकर जोरदार नारेबाजी भी की गई।
