अवैध क्लीनिकों के खिलाफ प्रशासन की बड़ी मुहिम जारी, अब तक कई सील, उदयपुर में ताजा कार्रवाई।
भानू प्रताप द्वारा संचालित अवैध क्लीनिक को किया गया सील, तहसील और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने की सख्त कार्रवाई।
विदिशा,ग्रामीण खबर mp:
जिले में बिना अनुमति, बिना चिकित्सकीय योग्यता और बिना आवश्यक पंजीयन के चल रहे अवैध क्लीनिकों पर अब प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता द्वारा स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सभी अवैध क्लीनिकों की पहचान कर उन पर तत्काल कार्यवाही की जाए। इन निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए जिलेभर में व्यापक जांच अभियान शुरू किया है।
इस क्रम में रविवार को बासौदा विकासखंड अंतर्गत उदयपुर क्षेत्र में एक और अवैध क्लीनिक को सील किया गया। यह क्लीनिक भानू प्रताप नामक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो पेट्रोल पंप के समीप स्थित था। जांच के दौरान पाया गया कि क्लीनिक न तो किसी मान्यता प्राप्त पंजीयन के अंतर्गत पंजीकृत था और न ही इसमें किसी प्रशिक्षित डॉक्टर की उपस्थिति थी। साथ ही उपचार संबंधी मूलभूत सुविधाओं का भी घोर अभाव पाया गया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व बासौदा के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रमेन्द्र तिवारी ने किया। उनके साथ तहसीलदार अनुराग रावत, मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनीष राव, फार्मेसिस्ट प्रेम शाक्य एवं स्थानीय पटवारी भी उपस्थित रहे। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी दस्तावेजों की जांच की, तथा नियमानुसार क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
डॉ. प्रमेन्द्र तिवारी ने बताया कि बासौदा क्षेत्र में अवैध क्लीनिकों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। प्रशासन द्वारा इसे गंभीरता से लिया गया है और प्रत्येक सूचना की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध रूप से स्वास्थ्य सेवा देने वाले न सिर्फ कानून का उल्लंघन कर रहे हैं बल्कि आमजन की जान के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं। ऐसे में इनपर कड़ी कार्रवाई समय की आवश्यकता है।
तहसीलदार अनुराग रावत ने भी कार्रवाई के बाद स्पष्ट किया कि प्रशासन की यह कार्यवाही केवल चेतावनी नहीं, बल्कि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति बिना योग्यताएं या अनुमति के चिकित्सा सेवा दे रहा है तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त मुहिम को लेकर आम जनता में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यह कदम न केवल नियमों की रक्षा करेगा, बल्कि फर्जी चिकित्सकों द्वारा दी जा रही गलत इलाज की संभावनाओं को भी खत्म करेगा।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्यवाही एक बार की नहीं है, बल्कि भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी। जिले के सभी विकासखंडों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है जो नियमित निरीक्षण करेंगी और किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इस तरह उदयपुर में हुई ताजा कार्रवाई प्रशासन की उस नीति का हिस्सा है जिसके अंतर्गत आमजन को सुरक्षित, प्रमाणिक और वैधानिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता में है। अवैध चिकित्सा संचालन करने वालों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि अब लापरवाही और फर्जीवाड़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीण खबर एमपी
विदिशा जिला ब्यूरो चीफ
यशवंत सिंह रघुवंशी






