जबलपुर में बरगी नहर टूटी, दर्जनों गांवों में घुसा पानी;सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न।
बरगी बांध की दाहिनी तट नहर में पुराने रिसाव के बाद बड़ा ब्रेक, किसानों को भारी नुकसान;प्रशासन ने संभाली स्थिति, सर्वे शुरू।
जबलपुर,ग्रामीण खबर MP।
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में शनिवार को एक बड़ी सिंचाई दुर्घटना सामने आई, जब नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध की दाहिनी तट नहर अचानक टूट गई। नहर टूटते ही तेज बहाव के साथ पानी आसपास के खेतों, रास्तों और गांवों की ओर फैल गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते दर्जनों गांव प्रभावित हो गए और सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें जलमग्न होकर पूरी तरह नष्ट हो गईं।
यह घटना बरगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सगड़ा, झपनी सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहर के समय नहर के एक हिस्से में पहले हल्का रिसाव दिखाई दिया था, लेकिन कुछ ही समय में रिसाव ने गंभीर रूप ले लिया और नहर का किनारा भरभराकर टूट गया। नहर टूटते ही पानी का दबाव इतना अधिक था कि खेतों की मेढ़ें टूट गईं और पानी तेजी से फसलों में फैल गया।
नहर टूटने से सबसे अधिक नुकसान रबी फसलों को हुआ है। गेहूं, चना, मसूर, सरसों और सब्जियों की फसलें पानी में डूब गईं। कई किसानों ने बताया कि फसल कटाई के नजदीक थी और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन नहर टूटने से उनकी महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई। खेतों में कई फीट तक पानी भर जाने से फसल के पूरी तरह नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है।
पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ गांवों में पानी घरों के पास तक पहुंच गया। ग्रामीणों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई परिवार अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते नजर आए। हालांकि प्रशासन की तत्परता से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्काल नहर में पानी की आपूर्ति बंद करवाई ताकि आगे और नुकसान न हो। अस्थायी रूप से मिट्टी और अन्य संसाधनों की मदद से कटाव को रोकने का प्रयास किया गया। प्रशासन ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की लगातार निगरानी की।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जो राहत की बात है। हालांकि फसल नुकसान को गंभीर मानते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर नुकसान का आकलन कर रही हैं, ताकि वास्तविक क्षति का आंकलन किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन की नियमानुसार प्रभावित किसानों को मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही नहर की स्थायी मरम्मत और मजबूती के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम से जांच कराई जा रही है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए नहर के कमजोर हिस्सों की पहचान कर सुधार कार्य किए जाएंगे।
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि बरगी नहर की स्थिति लंबे समय से खराब थी। कई स्थानों पर पहले भी रिसाव की शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते ठोस मरम्मत नहीं होने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल अस्थायी मरम्मत न की जाए, बल्कि नहर की पूरी लंबाई में मजबूती का स्थायी समाधान किया जाए।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया गया है। बरगी नहर टूटने की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सिंचाई परियोजनाओं के नियमित रखरखाव और समय-समय पर निरीक्षण की कितनी आवश्यकता है, ताकि किसानों की मेहनत और आजीविका को ऐसे हादसों से बचाया जा सके।
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