केंद्रीय बजट 2026-27:विकास,रोज़गार और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला बजट।

 केंद्रीय बजट 2026-27:विकास,रोज़गार और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला बजट।

इंफ्रास्ट्रक्चर,किसान,युवा,MSME,शिक्षा,स्वास्थ्य और तकनीक पर व्यापक फोकस, कर व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में ठोस पहल।

नई दिल्ली,ग्रामीण खबर MP।

केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट 2026-27 देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने, विकास की निरंतरता बनाए रखने और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती प्रदान करने वाला बजट माना जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान यह स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक के जीवन स्तर में सुधार, रोज़गार के अवसरों का विस्तार और देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाना भी है।

बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की आधारशिला मानते हुए सड़क, रेल, बंदरगाह, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर के विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से देश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे परिवहन लागत कम होगी, व्यापार को गति मिलेगी और निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

रेलवे क्षेत्र में आधुनिकीकरण, यात्री सुविधाओं के विस्तार और माल परिवहन को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। वहीं, जलमार्ग और बंदरगाहों के विकास से निर्यात-आयात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव होता है।

तकनीक और निर्माण क्षेत्र को लेकर बजट में दूरगामी सोच दिखाई देती है। सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण की घोषणा कर भारत को वैश्विक चिप निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसके अलावा डेटा सेंटर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई उभरती तकनीकों में निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है, जिससे देश का तकनीकी आधार और अधिक सशक्त हो सके।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा, आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग, सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार का मानना है कि जब तक गांव और किसान मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश की समग्र अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती नहीं मिल सकती।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमिता और ग्रामीण स्टार्टअप्स को समर्थन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की कोशिश की गई है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को रोज़गार सृजन की रीढ़ मानते हुए उनके लिए विशेष वित्तीय सहायता, सस्ती ऋण सुविधा और नए फंड की व्यवस्था की गई है। MSME सेक्टर को तकनीक से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नीतिगत सुधारों पर भी जोर दिया गया है। इससे छोटे उद्योगों को विस्तार का अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

शिक्षा और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बजट में कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा संस्थानों में नवाचार को बढ़ावा देने की घोषणाएं की गई हैं। नए प्रशिक्षण केंद्र, आधुनिक लैब्स, छात्रावास और रिसर्च सुविधाओं के माध्यम से युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर सरकार का फोकस रहा है। इससे युवाओं को रोजगार योग्य बनाने और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट के माध्यम से मेडिकल शिक्षा, बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में।

कर व्यवस्था को लेकर बजट में संतुलित रुख अपनाया गया है। आयकर दरों में बड़े बदलाव करने के बजाय टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। कर कानूनों को आसान बनाने, विवादों को कम करने और करदाताओं को सुविधा देने की दिशा में नए सुधारों की घोषणा की गई है, जिससे ईमानदार करदाताओं का भरोसा बढ़े।

कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026-27 को विकासोन्मुखी, दूरदर्शी और संतुलित बजट माना जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान, युवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और तकनीक को एक साथ लेकर चलने की यह कोशिश देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बजट न केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखता है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी एक ठोस आधार तैयार करता है।

ग्रामीण खबर MP-

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