जब जिम्मेदार ही बनें लापरवाह: नटेरन बिजली विभाग में कर्मचारी कर रहे खुलेआम बिजली चोरी।
सरकारी बिजली से चार्ज हो रही स्कूटर, कैमरे में कैद हुई करतूत, शिकायत के बाद भी अधिकारी बने अनजान।
नटेरन,ग्रामीण खबर mp:
बिजली चोरी जैसी गंभीर समस्या पर जहां शासन और प्रशासन मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं नटेरन विद्युत विभाग में इस प्रयास को तब करारा झटका लगता है जब स्वयं विभाग के कर्मचारी ही नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं।
ताजा मामला नटेरन विद्युत विभाग का है, जहां विभाग में पदस्थ कर्मचारी द्वारा निजी स्कूटर को कार्यालय परिसर में सरकारी बिजली से नियमित रूप से चार्ज किया जा रहा है। यह प्रकरण न केवल विभागीय अनुशासन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किस हद तक किया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नटेरन विद्युत विभाग में एआरओ (सहायक राजस्व अधिकारी) पद पर कार्यरत दिनेश साहू प्रतिदिन अपनी स्कूटर से अप-डाउन करते हैं। उनकी स्कूटर को कार्यालय परिसर में स्थापित विद्युत बोर्ड से सीधे जोड़कर चार्ज किया जाता है, जिससे हर दिन सरकारी बिजली का व्यर्थ उपयोग हो रहा है।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मीडिया प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर स्कूटर की चार्जिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग की। हैरानी की बात यह रही कि जब कर्मचारी दिनेश साहू को रिकॉर्डिंग करते देखा गया तो उन्होंने न केवल मीडिया कर्मियों को मोबाइल बंद करने की धमकी दी बल्कि अपने इस कृत्य को सामान्य और जायज़ ठहराने की कोशिश की।
बावजूद इसके, स्कूटर की चार्जिंग नहीं रोकी गई। यह व्यवहार न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि आम जनता में एक गलत संदेश भी देता है कि जब कानून के रक्षक ही कानून का उल्लंघन करेंगे, तो बाकी लोगों से क्या अपेक्षा की जाए।
जब इस संबंध में नटेरन विद्युत विभाग के जीई (ग्रामीण अभियंता) लालाराम खैरवार से बात की गई तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए पल्ला झाड़ लिया। यह रवैया और भी अधिक चिंताजनक है, क्योंकि जो घटना विभाग के सामने खुलेआम घट रही है, उसे देखकर भी अंजान बनना, कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
मीडिया के माध्यम से जब यह मामला जिले के विद्युत विभाग के एसई (संभागीय अभियंता) सत्येंद्र मौर्य के संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि “आपके द्वारा दी गई जानकारी गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
यह संपूर्ण मामला न केवल नटेरन क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकारी संसाधनों की सुरक्षा केवल आम नागरिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उससे भी अधिक जिम्मेदारी उन पर है जो उस तंत्र का हिस्सा हैं।
जब जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी ही नियमों की अनदेखी कर अपने निजी हित साधने लगते हैं, तब शासन की योजनाएं और अनुशासन तार-तार हो जाते हैं। यह घटनाक्रम विभाग के लिए चेतावनी है कि यदि समय रहते आंतरिक अनुशासन स्थापित नहीं किया गया, तो इसका सीधा प्रभाव आमजन की विश्वसनीयता पर पड़ेगा।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है। क्या दोषी कर्मचारी पर कोई ठोस कार्रवाई होगी या यह भी महज एक औपचारिक जांच बनकर रह जाएगा, यह आने वाला समय बताएगा।
ग्रामीण खबर MP, विदिशा से जिला सह ब्यूरो चीफ मायावती अहिरवार।
