गोसलपुर की गौशाला में 'एक वृक्ष गौमाता के नाम' अभियान ने रचा उदाहरण, आचार्य श्री के वचनों से प्रेरित होकर अंकुर जैन ने भेंट किए 101 फलदार वृक्ष।

 गोसलपुर की गौशाला में 'एक वृक्ष गौमाता के नाम' अभियान ने रचा उदाहरण, आचार्य श्री के वचनों से प्रेरित होकर अंकुर जैन ने भेंट किए 101 फलदार वृक्ष।

प्राकृतिक संरक्षण, जीवदया और गौसेवा को समर्पित इस पुनीत आयोजन में समाज के कई प्रमुख जनों ने वृक्षारोपण कर निभाई सहभागिता।

सिहोरा,ग्रामीण खबर mp:

प्राकृतिक संतुलन और जीवमात्र के कल्याण की भावना को समर्पित एक प्रेरणादायक अभियान 'एक वृक्ष गौमाता के नाम' का आयोजन विद्यासागर सेवा आश्रम समिति गौशाला एवं दिव्योदय तीर्थ क्षेत्र सम्मेदगिरी गोसलपुर के संयुक्त तत्वावधान में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना था, बल्कि गौसेवा, जीवदया और संतुलित पारिस्थिति की तंत्र की महत्ता को जनमानस तक पहुंचाना भी था।

इस पुण्य अभियान के अंतर्गत गौशाला परिसर में कुल 101 फलदार वृक्षों का विधिपूर्वक रोपण किया गया, जो श्रद्धालु एवं समाजसेवी अंकुर जैन द्वारा गौशाला को समर्पित किए गए। उनकी यह भेंट न केवल धार्मिक आस्था और सेवा भावना का प्रतीक रही, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक जागरूक नागरिक के कर्तव्य का श्रेष्ठ उदाहरण भी बनी।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें विद्यासागर सेवा आश्रम समिति तथा दिव्योदय तीर्थ क्षेत्र परिवार के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर वृक्षारोपण में भागीदारी निभाई और गौमाता की सेवा में अपना योगदान दिया।

इस कार्यक्रम में समाज के अनेक प्रमुख जन उपस्थित रहे, जिनमें विशेष रूप से अनिल जैन, आशीष जैन, सुनील जैन, अमित जैन, संजय जैन, सुनील डियोरिया, विमल जैन, अरुण जैन, राकेश जैन, यतेंद्र जैन, संदीप जैन, मयंक सिंघई, राहुल सिंघई, अनिल दानपति, संजय दानपति, सौरभ जैन, लकी जैन, नितिन जैन, रुपेश जैन, जीवन लाल गुप्ता और बिहारी रजक आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। इन सभी ने वृक्षारोपण कर अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन किया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।

इस अवसर पर सभी ने परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के अमूल्य वचनों का स्मरण किया, जिनमें प्रकृति, जीवन और जीवदया की परस्पर निर्भरता का गहन संदेश समाहित है। आचार्य श्री के प्रेरक वचन 'जितने वृक्ष उतने जीवन, जितने वन उतनी वर्षा' को इस अभियान की आधारशिला माना गया। इन वचनों ने न केवल इस आयोजन की दिशा तय की, बल्कि उपस्थित लोगों को जीवनभर प्रकृति के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी रहने की प्रेरणा भी दी।

समिति के वरिष्ठ सदस्य अनिल जैन ने जानकारी देते हुए कहा कि इस वृक्षारोपण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं है, बल्कि गौशाला में रहने वाली गौमाताओं के लिए आने वाले वर्षों में फलयुक्त आहार और शुद्ध वातावरण सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में इस प्रकार के और भी आयोजनों की योजना है, ताकि समाज के हर वर्ग को प्रकृति और जीवों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का बोध हो।

उन्होंने आमजन से अपील की कि ऐसे कार्य केवल समिति या कुछ व्यक्तियों की सीमित जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का नैतिक दायित्व हैं। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा भी जीवन में नियमित रूप से लगाए और उसकी देखभाल करे, तो देश में पर्यावरणीय संकट बहुत हद तक टल सकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों द्वारा वृक्षों की सुरक्षा एवं सिंचाई की जिम्मेदारी का संकल्प लिया गया, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में वटवृक्ष बनकर न केवल गौमाता, बल्कि पूरे समाज के लिए लाभकारी सिद्ध हों।

इस पुनीत आयोजन की स्थानीय स्तर पर बहुत सराहना की जा रही है। धार्मिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों द्वारा इस प्रयास को एक प्रेरणास्पद और अनुकरणीय पहल बताया गया है, जो आज के समय में प्रकृति और प्राणियों के संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।


प्रधान संपादक:अज्जू सोनी,ग्रामीण खबर mp

संपर्क सूत्र:9977110734

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