विजयराघवगढ़ पुलिस को दोहरी सफलता,दो नाबालिग बालिकाएं सकुशल दस्तयाब।

 विजयराघवगढ़ पुलिस को दोहरी सफलता,दो नाबालिग बालिकाएं सकुशल दस्तयाब।

लगातार तलाश के बाद पुलिस ने दोनों बालिकाओं को किया बरामद,परिजनों के चेहरे पर लौटी खुशी।

कटनी। विजयराघवगढ़ थाना पुलिस को नाबालिग बालिकाओं की तलाश के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने अलग-अलग मामलों में घर से बिना बताए चली गईं 16 एवं 17 वर्षीय दो नाबालिग बालिकाओं को अथक प्रयासों के बाद सकुशल दस्तयाब कर लिया। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों बालिकाओं को सुरक्षित उनके माता-पिता एवं परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस वीरेन्द्र धार्वे के मार्गदर्शन में विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा दोनों मामलों में गंभीरता से कार्रवाई की गई। नाबालिग बालिकाओं के अचानक घर से चले जाने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कीं और संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन शुरू की।

पहला मामला 3 मई 2026 का है। थाना क्षेत्र की 17 वर्षीय नाबालिग बालिका सुबह करीब 9 बजे अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दिए जाने के बाद विजयराघवगढ़ थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं लगातार मार्गदर्शन में पुलिस टीम द्वारा बालिका की तलाश के लिए विभिन्न संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई गई तथा लगातार प्रयास किए गए।

इसी क्रम में दूसरा मामला 6 सितंबर 2026 का सामने आया, जब थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय नाबालिग बालिका भी अपने घर से बिना बताए चली गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया। थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पृथक पुलिस टीम गठित कर बालिका की तलाश शुरू कराई।

दोनों मामलों में पुलिस द्वारा लगातार संभावित स्थानों पर तलाश करने के साथ ही उपलब्ध तकनीकी एवं साइबर माध्यमों से भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीमों के लगातार प्रयासों का परिणाम रहा कि 7 सितंबर 2026 को दोनों नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त हुई।

दस्तयाबी के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई और दोनों बालिकाओं को उनके माता-पिता एवं परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय से अपनी बेटियों की तलाश में चिंतित परिजनों ने बालिकाओं के सकुशल मिलने पर राहत की सांस ली।

पुलिस अधिकारियों ने नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा एवं तलाश के मामलों को गंभीरता से लेते हुए टीम को लगातार सक्रिय रखा। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की तत्परता के साथ साइबर टीम की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

उक्त कार्रवाई में निरीक्षक अभिषेक चौबे, उप निरीक्षक रामकुमार झारिया, सहायक उप निरीक्षक विक्रम सिंह, आरक्षक पप्पू प्रजापति, महिला आरक्षक नेहा सिंह, प्रधान आरक्षक चालक मज्जू कोल एवं साइबर टीम के आरक्षक अमित का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस टीम के इस सफल प्रयास की सराहना की जा रही है।

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