लालपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र की मांग को लेकर कई बार दिए आवेदन,फिर भी नहीं हुई कार्रवाई।
24 जनवरी 2024 से अब तक कलेक्टर जनसुनवाई सहित विभिन्न स्तरों पर सरपंच मीना मोहन बागरी ने उठाया मामला,करीब 20 किलोमीटर दूर स्वास्थ्य सुविधा होने से लालपुर व आसपास के ग्रामीण परेशान।
ढीमरखेड़ा। ग्राम पंचायत लालपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की मांग अब लंबे समय से प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा में है। ग्राम पंचायत की सरपंच मीना मोहन बागरी द्वारा उपलब्ध कराए गए हस्तलिखित विवरण के अनुसार, लालपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता को लेकर वर्ष 2024 से लगातार अलग-अलग स्तरों पर आवेदन एवं पत्र दिए जाते रहे हैं। कलेक्टर जनसुनवाई में मामला उठाने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक भी मांग पहुंचाई गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक लालपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति अथवा स्थापना को लेकर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
ग्राम पंचायत लालपुर की ओर से 24 जनवरी 2024 को जिला कलेक्टर कटनी के नाम आवेदन देकर गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए जाने की मांग की गई थी। सरपंच मीना मोहन बागरी द्वारा दर्ज किए गए विवरण में इसके बाद भी लगातार आवेदन दिए जाने का उल्लेख है। हस्तलिखित रिकॉर्ड में वर्ष 2024 में कलेक्टर महोदय को आवेदन दिए जाने तथा दूसरा आवेदन प्रस्तुत किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर भी मांग पहुंचाई गई। वर्ष 2024 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कटनी को पत्र दिए जाने का उल्लेख हस्तलिखित विवरण में है। इसके अलावा बीएमओ उमरियापान को भी पत्र दिए जाने की बात दर्ज है। इससे स्पष्ट है कि ग्राम पंचायत द्वारा केवल जिला प्रशासन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय एवं जिला स्तर के अधिकारियों के समक्ष भी लालपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता रखी गई।
वर्ष 2025 में भी यह सिलसिला जारी रहा। हस्तलिखित विवरण के अनुसार जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर महोदय के समक्ष पुनः आवेदन रखा गया। इसी वर्ष पंचायत स्तर से भी संबंधित मांग को लेकर आवेदन दिए जाने का उल्लेख है। इसके बाद सिलौंडी में आयोजित जनसुनवाई में भी यह मामला उठाया गया और उप स्वास्थ्य केंद्र की मांग अधिकारियों के समक्ष रखी गई।
वर्ष 2026 में भी ग्राम पंचायत की ओर से ढीमरखेड़ा में कलेक्टर महोदय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख हस्तलिखित विवरण में किया गया है। यानी वर्ष 2024 से लेकर 2026 तक लगातार अलग-अलग अवसरों पर लालपुर में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी जाती रही है।
हस्तलिखित विवरण के अंत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 23 सितंबर 2026 तक इन आवेदनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि लालपुर एवं आसपास के लगभग 20 गांवों के लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उन्हें उपचार के लिए लगभग 20 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। सामान्य बीमारी, प्रसव संबंधी जरूरत, बच्चों की बीमारी, बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्या अथवा आकस्मिक स्थिति में इतनी दूरी तय करना ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार लालपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना होने से न केवल लालपुर बल्कि आसपास के अनेक गांवों के लोगों को प्राथमिक उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी। वर्तमान में छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी ग्रामीणों को दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी होती है।
सरपंच मीना मोहन बागरी का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा इस मांग को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर जनसुनवाई सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के समक्ष भी कई बार आवेदन एवं पत्र प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके बावजूद यदि अभी तक उप स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति की दिशा में ठोस निर्णय नहीं हुआ है तो प्रशासन को क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता को देखते हुए इस मामले का परीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि लालपुर एवं आसपास के गांवों की आबादी और स्वास्थ्य सुविधाओं से दूरी को देखते हुए यहां उप स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि पूर्व में दिए गए सभी आवेदनों और जनसुनवाई में रखी गई मांग का परीक्षण कर लालपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति एवं स्थापना की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
अब सवाल यह है कि वर्ष 2024 से लगातार आवेदन देने, कलेक्टर जनसुनवाई में मामला उठाने तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र देने के बावजूद लालपुर की इस मांग पर आखिर कब तक निर्णय होगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतों का परीक्षण कर शीघ्र सकारात्मक पहल करेगा।


