आदिवासी सांसद-विधायक की भी नहीं सुनते कटनी के अधिकारी!

 आदिवासी सांसद-विधायक की भी नहीं सुनते कटनी के अधिकारी!

बड़वारा मुख्यालय मार्ग जर्जर, चंदन-भगनवारा में सड़क पर चलना दूभर,पुलिया के गड्ढे दे रहे हादसों को न्योता,पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की।

कटनी/बड़वारा। आदिवासी वर्ग के लिए सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र बड़वारा में ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों की बदहाली को लेकर क्षेत्र में चिंता बढ़ती जा रही है। बड़वारा-देवरी हटाई मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में होने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों, विद्यार्थियों, मरीजों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे और क्षतिग्रस्त पुलिया दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।

पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि बड़वारा क्षेत्र की सड़कों की स्थिति को लेकर अधिकारियों द्वारा अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्र के विधायक और सांसद द्वारा क्षेत्र की समस्याओं को उठाए जाने के बावजूद अधिकारी उनकी भी नहीं सुनते। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित विभाग और अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

बड़वारा मुख्यालय की जीवनदायिनी माने जाने वाले बड़वारा-देवरी हटाई मार्ग की वर्तमान स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है तथा गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।

पुलिया पर बड़े-बड़े गड्ढे, दुर्घटना का खतरा

करण सिंह चौहान के अनुसार बड़वारा नगर में प्रवेश करते ही पुलिया पर बने बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। उनका कहना है कि इस स्थान पर कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल सड़क और पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि बड़वारा से बछरवारा मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को बेहद सावधानी से आवागमन करना पड़ता है। किन-किन टोला, चिरूहली, चंदन और नन्हवारा मोड़ सहित कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब होने के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों के साथ विद्यार्थियों को भी परेशानी

इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के अलावा छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। क्षेत्र के कई गांवों के विद्यार्थी बड़वारा मुख्यालय स्थित विद्यालयों में पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। सड़क खराब होने के कारण उन्हें रोजाना जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल और ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए बड़वारा मुख्यालय पहुंचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

भगनवारा की जर्जर पुलिया को लेकर चिंता

भगनवारा गांव की जर्जर पुलिया को लेकर भी पूर्व जिला अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि पुलिया की स्थिति ऐसी है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं बभनगवां मोड़ के आसपास सड़क की स्थिति भी खराब बताई गई है, जिसके कारण वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है।

एक वर्ष पूर्व हुए डामरीकरण पर भी उठाए सवाल

करण सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि इस मार्ग पर करीब एक वर्ष पूर्व डामरीकरण का कार्य कराया गया था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार कुछ ही महीनों में सड़क कई स्थानों से उखड़ने लगी और वर्तमान में मार्ग पर गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जांच होने के बाद ही उनकी सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।

मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की कार्रवाई की मांग

क्षेत्र की सड़क की स्थिति और विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र प्रेषित किया है। पत्र की एक प्रति कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी को भी भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

पत्र में उन्होंने लोक निर्माण विभाग के संबंधित इंजीनियर की भूमिका की जांच कराने तथा यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित हो तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की गई है।

विद्यालय आने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी मांग

करण सिंह चौहान ने कहा कि जब तक मार्ग की स्थिति ठीक नहीं हो जाती, तब तक सांदीपनि विद्यालय बड़वारा में उन गांवों से आने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने पत्र में बताया कि करीब 15 से 20 गांवों से विद्यार्थी इस मार्ग से होकर विद्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर

बड़वारा-देवरी हटाई मार्ग की बदहाली को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। सड़क की वास्तविक स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क इतनी जल्दी खराब होने के पीछे क्या कारण रहे। फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि किसी संभावित दुर्घटना से पहले जर्जर सड़क और पुलियाओं की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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