विलायत कलां में पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप,लोहे के कड़े से युवक के चेहरे पर हमला।

 विलायत कलां में पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप,लोहे के कड़े से युवक के चेहरे पर हमला।

जातिसूचक गाली-गलौज और धमकी का भी आरोप,बड़वारा पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के खिलाफ BNS एवं SC/ST एक्ट के तहत दर्ज किया मामला।

बड़वारा। कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छोटी विलायत (विलायत कलां) में पुरानी रंजिश और कहासुनी को लेकर विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार विवाद के दौरान दो आरोपियों ने एक युवक और उसके चाचा के साथ कथित रूप से अभद्रता करते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया तथा गाली-गलौज और धमकी दी। विवाद बढ़ने पर युवक के चेहरे पर लोहे के कड़े से हमला किए जाने का आरोप है, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने बड़वारा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विलायत कलां निवासी अनंत प्रताप सिंह अपने चाचा नरेंद्र सिंह के साथ मौजूद थे। इसी दौरान गांव के ही रामकुमार रजक और पूरन रजक वहां पहुंचे। किसी पुरानी बात और कहासुनी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और दोनों आरोपियों ने अनंत प्रताप सिंह एवं उनके चाचा के साथ गाली-गलौज करते हुए कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।

शिकायत के मुताबिक, जब अनंत प्रताप सिंह और उनके चाचा ने इस व्यवहार का विरोध किया तो विवाद और बढ़ गया। इसी दौरान आरोपियों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप है। बताया गया कि हमले के दौरान लोहे के कड़े से अनंत प्रताप सिंह के चेहरे पर वार किया गया। वार लगने से उनके चेहरे पर चोट आई और खून निकलने लगा। घटना के दौरान मौके पर चीख-पुकार मचने पर आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने पहुंचकर बीच-बचाव किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।

घटना के बाद घायल अनंत प्रताप सिंह को उपचार के लिए ले जाया गया। मामले की सूचना बड़वारा पुलिस को दी गई। पुलिस द्वारा पीड़ित की शिकायत के आधार पर घटना की जानकारी दर्ज करते हुए मेडिकल परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई की गई।

पीड़ित की शिकायत के आधार पर बड़वारा थाना पुलिस ने रामकुमार रजक और पूरन रजक के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(b), 115(2), 351(2) एवं 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण में जातिसूचक शब्दों से सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, गाली-गलौज, धमकी और मारपीट से संबंधित आरोपों को शामिल किया गया है। मामले में SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) एवं 3(2)(va) का भी उल्लेख किया गया है।

फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। घटना के वास्तविक कारण, विवाद की परिस्थितियों, चोटों की प्रकृति तथा दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना की जा रही है।

घटना ने गांव में चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि आपसी विवाद और पुरानी रंजिश को हिंसा का रूप देने के बजाय कानून के माध्यम से मामले का समाधान किया जाना चाहिए। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post