वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों पर विजयराघवगढ़ पुलिस की नजर,250 लोगों के दस्तावेज जुटाए।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में मिली शिकायतों के बाद पुलिस ने कई गांवों में किया भौतिक सत्यापन,आधार कार्ड व मोबाइल नंबर लेकर शुरू किया वेरिफिकेशन।
विजयराघवगढ़। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के दौरान ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विजयराघवगढ़ पुलिस ने वन विभाग की भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने ग्राम कारीतलाई, पिपरा, गुड़ेहा, बम्हौरी और कुसमा सहित अन्य क्षेत्रों में वन भूमि का भौतिक मुआयना कर अतिक्रमण की स्थिति का जायजा लिया। कार्रवाई के दौरान वन भूमि पर मौजूद लोगों को थाना विजयराघवगढ़ बुलाकर उनकी पहचान एवं दस्तावेजों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस वीरेन्द्र धार्वे के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के दौरान ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई थी कि ग्राम कारीतलाई, पिपरा, बम्हौरी और कुसमा में वन विभाग की भूमि पर कुछ बाहरी लोगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने संबंधित स्थानों को चिन्हित कर मौके का निरीक्षण किया।
पुलिस टीम द्वारा ग्राम पिपरा, गुड़ेहा, कुसमा, बम्हौरी एवं कारीतलाई में स्थित वन भूमि का भौतिक मुआयना किया गया। मौके पर मौजूद लोगों को थाना पहुंचकर अपनी पहचान से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा पुलिस सत्यापन में सहयोग करने के लिए पाबंद किया गया। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष थाना विजयराघवगढ़ परिसर पहुंचे और अपने आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक जानकारी पुलिस के समक्ष प्रस्तुत की।
पुलिस के मुताबिक इस दौरान करीब 250 लोगों के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर प्राप्त किए गए हैं। इन सभी की पहचान एवं अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस द्वारा यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति कहां के निवासी हैं और वन भूमि पर उनकी मौजूदगी अथवा गतिविधियों से संबंधित वास्तविक स्थिति क्या है।
कार्रवाई के दौरान राज्य वन विकास निगम के रेंज ऑफिसर श्री नायडू एवं उनकी टीम भी थाना परिसर में मौजूद रही। पुलिस और वन विभाग से जुड़े अधिकारियों ने वन भूमि पर मौजूद लोगों को समझाइश देते हुए बताया कि वन भूमि पर अतिक्रमण करना कानूनी रूप से मान्य नहीं है। संबंधित लोगों को शीघ्र वन भूमि खाली करने की हिदायत भी दी गई है।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि अतिक्रमण से जुड़े बताए जा रहे कई लोग मैहर, सतना, रीवा, सीधी और शहडोल जिले से संबंधित हैं। पुलिस द्वारा संबंधित व्यक्तियों के दस्तावेज एवं रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। सत्यापन के बाद यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि या भूमि पर कब्जे से संबंधित कोई वैधानिक तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत प्राप्त शिकायत पर विजयराघवगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों को लेकर प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर निगरानी बढ़ने के संकेत मिले हैं। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों के सत्यापन और संबंधित रिकॉर्ड की जांच में जुटी हुई है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।


