पीएम आवास की किस्तों में गड़बड़ी पर भड़के जयंत मलैया,कलेक्टर के सामने बोले-गरीबों का पैसा कौन खा रहा है?
दमोह विधायक ने बैठक में उठाया गंभीर मुद्दा,नेता-अधिकारी-पार्षद और कर्मचारियों पर लगाए अनियमितता के आरोप,निष्पक्ष जांच की जरूरत।
दमोह। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब हितग्राहियों को मिलने वाली राशि की किस्तों के भुगतान में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद दमोह विधायक एवं पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान मलैया ने योजना की किस्तों के भुगतान में पारदर्शिता नहीं होने तथा गरीब हितग्राहियों से पैसे लिए जाने के आरोपों को लेकर तीखी आपत्ति दर्ज कराई।
बैठक में विधायक मलैया ने कथित तौर पर कहा कि नेता, अधिकारी, पार्षद और कर्मचारी मिलकर गरीबों के हक का पैसा खा रहे हैं। उनके इस बयान के बाद बैठक में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच माहौल गंभीर हो गया। मलैया ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मिलने वाली किस्तों के भुगतान में क्रम और पात्रता का पालन किए जाने पर जोर दिया।
मलैया ने आरोप लगाया कि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना की किस्त नहीं मिल रही है, जबकि कुछ मामलों में भुगतान की प्रक्रिया में मनमानी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि गरीब परिवारों को शासन की योजना का लाभ लेने के लिए किसी प्रकार की राशि देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में यदि किसी स्तर पर हितग्राहियों से राशि मांगी जाती है या भुगतान में अनियमितता की जाती है, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी लेकर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की आवश्यकता बताई।
बैठक में मलैया द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद अब यह सवाल भी उठने लगा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तों के भुगतान की प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हो रही है। हालांकि, अभी तक विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच में पुष्टि होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
यदि जांच में किसी हितग्राही से अवैध राशि लेने अथवा योजना की किस्तों में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच अथवा आधिकारिक कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
गरीब हितग्राहियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना केवल सरकारी सहायता नहीं बल्कि पक्के घर के सपने को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में योजना की राशि के वितरण में पूरी पारदर्शिता, पात्र हितग्राहियों को समय पर भुगतान और शिकायतों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। अब देखना होगा कि विधायक द्वारा बैठक में उठाए गए इस गंभीर मुद्दे पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और हितग्राहियों की शिकायतों की जांच किस स्तर पर होती है।


