ढीमरखेड़ा में नियमों की उड़ रही धज्जियां,निर्धारित कीमत से आधे दाम पर बिक रही देशी शराब।
रामपुर-उमरिया पान की शराब दुकान पर उमड़ रही भीड़,ग्रामीणों ने शराब की गुणवत्ता पर उठाए सवाल,सागर जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने तत्काल जांच की मांग।
ढीमरखेड़ा। कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में देशी शराब की बिक्री को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। तहसील मुख्यालय के समीप ग्राम रामपुर-उमरिया पान स्थित देशी शराब दुकान पर शासन द्वारा निर्धारित दरों से काफी कम कीमत पर शराब बेचे जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दुकान पर कथित तौर पर निर्धारित मूल्य से लगभग आधी कीमत में शराब उपलब्ध कराई जा रही है। इसको लेकर क्षेत्र में चर्चा के साथ-साथ आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कम कीमत में शराब उपलब्ध होने के कारण दुकान पर सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सस्ती शराब की उपलब्धता से शराब का सेवन बढ़ने के साथ क्षेत्र में विवाद, सामाजिक अशांति और सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने शराब की गुणवत्ता को लेकर भी आशंका व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि शराब निर्धारित कीमत से असामान्य रूप से कम दर पर बेची जा रही है तो इसकी वास्तविक वजह की जांच होना जरूरी है। हालांकि शराब में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी खामी के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों की आशंका को देखते हुए शराब के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।
आबकारी नियमों के अनुसार शराब की बिक्री निर्धारित शर्तों और अधिकृत मूल्य व्यवस्था के तहत की जानी चाहिए। ऐसे में यदि किसी दुकान पर निर्धारित मूल्य से कम दर पर शराब की बिक्री हो रही है, तो इसकी जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी बनती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब बिक्री में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
सागर जिले में संदिग्ध शराब से जुड़ी घटना के बाद शराब की गुणवत्ता और अवैध बिक्री को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ऐसे में ढीमरखेड़ा क्षेत्र में भी शराब बिक्री की व्यवस्था और दुकानों पर उपलब्ध शराब की गुणवत्ता की जांच की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी संभावित अनहोनी से पहले प्रशासन को सतर्कता बरतते हुए प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि रामपुर-उमरिया पान सहित ढीमरखेड़ा तहसील की संबंधित शराब दुकानों का औचक निरीक्षण कराया जाए। शराब के स्टॉक, बिक्री मूल्य और दस्तावेजों की जांच के साथ उपलब्ध शराब के नमूने अधिकृत प्रयोगशाला में भेजे जाएं, ताकि गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में निर्धारित मूल्य से कम दर पर शराब बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार या जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यदि लंबे समय से ऐसी स्थिति बनी हुई थी तो संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला क्यों नहीं आया।
अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर आबकारी विभाग और जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और जांच के बाद शराब बिक्री एवं उसकी गुणवत्ता को लेकर वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।


