संगठन में आप, सत्ता की मुख्य धुरी भी आप,फिर सिहोरा जिला पर चुप्पी क्यों?
चुनावी घोषणा के वादे को पूरा कराने भाजपा नेताओं को सौंपे स्मरण पत्र,लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने मांगा जवाब।
सिहोरा। सिहोरा को जिला बनाने की चुनावी घोषणा को लेकर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति का भाजपा नेताओं को स्मरण पत्र सौंपने का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार को समिति के सदस्यों ने सिहोरा की राजनीति में सक्रिय एवं प्रमुख भूमिका रखने वाले भाजपा नेताओं राजेश दाहिया और अनुपम सराफ से मुलाकात कर उन्हें स्मरण पत्र सौंपा। समिति ने दोनों नेताओं से सिहोरा को जिला बनाने के चुनावी वादे को पूरा कराने के लिए प्रभावी पहल करने की मांग की।
स्मरण पत्र सौंपते हुए आंदोलन समिति के सदस्यों ने भाजपा नेताओं के समक्ष सवाल रखा कि जब संगठन में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है और सत्ता की मुख्य धुरी भी आप हैं, तो सिहोरा को जिला बनाने जैसे लंबे समय से लंबित और जनता से जुड़े मुद्दे पर लगातार चुप्पी क्यों है। समिति ने कहा कि भाजपा की ओर से हमेशा कथनी और करनी में समानता की बात कही जाती है, ऐसे में सिहोरा को जिला बनाने का वादा भी उसी कसौटी पर पूरा होना चाहिए।
समिति ने कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा सिहोरा को जिला बनाने की घोषणा की गई थी। उस दौरान उन्होंने सिहोरा जिला बनाने से संबंधित प्रस्ताव सरकार के समक्ष ले जाने का भरोसा क्षेत्रवासियों को दिलाया था। समिति का कहना है कि चुनाव के दौरान जनता के बीच किया गया यह वादा अब केवल राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की अपेक्षा और विश्वास से जुड़ा विषय बन चुका है।
आंदोलन समिति ने भाजपा नेताओं से कहा कि यदि चुनाव के समय जनता के बीच किए गए वादे सरकार बनने के बाद भी पूरे नहीं होते और उन पर लगातार चुप्पी बनी रहती है, तो इससे जनता के बीच स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े होते हैं। समिति ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता अपने प्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों पर विश्वास करती है तथा चुनाव के दौरान किए गए वादों को उसी विश्वास का आधार माना जाता है। इसलिए सिहोरा जिला बनाने के वादे को पूरा कराने के लिए भाजपा के स्थानीय नेताओं को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
समिति के अनुसार राजेश दाहिया और अनुपम सराफ भी उन नेताओं में शामिल रहे हैं, जो विधानसभा चुनाव से पहले उस मंच पर मौजूद थे, जहां सिहोरा को जिला बनाने तथा भाजपा को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की अपील की गई थी। समिति ने जब दोनों नेताओं को उस समय की परिस्थितियों और मंच की मौजूदगी की याद दिलाई, तो दोनों नेताओं ने भी अपनी मौजूदगी स्वीकार की। साथ ही उन्होंने समिति को पुनः आश्वासन दिया कि वे उचित मंच पर सिहोरा जिला बनाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने कहा कि सिहोरा को जिला बनाने की मांग क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग है। जिला बनने से क्षेत्र के प्रशासनिक विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार तथा अन्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। समिति का कहना है कि इसी उम्मीद के कारण चुनाव के दौरान की गई घोषणा को क्षेत्र की जनता ने गंभीरता से लिया था।
समिति ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या नेता का विरोध करना मात्र नहीं है, बल्कि चुनाव के समय जनता से किए गए वादे को याद दिलाना और उसे पूरा कराने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से दबाव बनाना है। इसी उद्देश्य से समिति द्वारा भाजपा के उन नेताओं तक पहुंचने का अभियान चलाया जा रहा है, जो चुनाव के दौरान सिहोरा जिला बनाने के मुद्दे से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहे हैं।
मंगलवार को राजा मोर के आवास पर प्रदर्शन
स्मरण पत्र अभियान को आगे बढ़ाते हुए लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने मंगलवार को भाजपा प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य राजा मोर के बस स्टैंड स्थित आवास पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। समिति का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और भाजपा के उन सभी नेताओं तक पहुंचकर उन्हें चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे की याद दिलाई जाएगी।
समिति ने कहा कि सिहोरा को जिला बनाने का मुद्दा किसी एक व्यक्ति या संगठन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं से जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए जब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक समिति लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
सोमवार को स्मरण पत्र सौंपने के दौरान समिति के संतोष पांडे, रामजी शुक्ला, अनिल जैन, विकास दुबे, कृष्ण कुमार कुररिया, प्रदीप दुबे, सुनील कुररिया, संजय पाठक, संतोष वर्मा, सुमित शुक्ला, जितेंद्र श्रीवास, राजा ठाकुर, राजेश कुररिया, मोहन सोंधिया, शरद सेठ, अनिल खंपरिया, राजभान मिश्रा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।


