बारगाँव में खेत पर नीम के पेड़ से लटका मिला सोहबत चक्रवर्ती का शव,सुसाइड नोट मिलने के बाद मामला बना रहस्यमय।
परिजनों ने छह लोगों पर हत्या कर शव फांसी पर लटकाने का लगाया आरोप,शिकायत और कथित सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर शुरू की पूछताछ,पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई।
उमरियापान,ग्रामीण खबर MP।
कटनी जिले के उमरियापान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बारगाँव में बुधवार की शाम हुई एक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। ग्राम निवासी सोहबत चक्रवर्ती का शव उनके खेत में लगे नीम के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिलने के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर उमरियापान पुलिस भी घटनास्थल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया तथा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
घटना के बाद मामला उस समय और गंभीर हो गया जब मृतक के पास से एक कथित सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने आई। परिजनों का दावा है कि इस नोट में कुछ लोगों के नाम लिखे हुए हैं तथा मृतक ने अपने साथ हुई कथित धमकी और विवाद का उल्लेख किया है। परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है और आरोपियों ने हत्या करने के बाद शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया ताकि घटना आत्महत्या प्रतीत हो।
मृतक के पुत्र शिवशंहाय चक्रवर्ती ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके परिवार का गांव के कुछ लोगों के साथ लंबे समय से जमीन संबंधी विवाद चल रहा था। यह विवाद न्यायालय तक पहुंचा था, जहां निर्णय उनके परिवार के पक्ष में आया था। उनका आरोप है कि न्यायालय के फैसले से नाराज होकर आरोपित पक्ष ने दोबारा विवादित खेत में धान की बुवाई कर दी। जब उनके पिता सोहबत चक्रवर्ती ने इसका विरोध किया तो कथित रूप से उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।
परिजनों के अनुसार शुक्रवार की शाम करीब सात बजे सोहबत चक्रवर्ती खेत पर गए थे। कुछ समय बाद उनका शव खेत में लगे नीम के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। परिवार का आरोप है कि जगदीश, जगन्नाथ, बैजनाथ, रामनाथ, गीता बाई और शरला बाई ने मिलकर उनके पिता की हत्या की और उसके बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को फांसी पर लटका दिया।
परिजनों का यह भी कहना है कि मृतक के पास से मिले कथित सुसाइड नोट में भी इन्हीं लोगों के नाम दर्ज हैं। उनका दावा है कि नोट में उल्लेख किया गया है कि उक्त लोग उन्हें पहले भी मारपीट और जान से मारने की धमकी दे चुके थे तथा दो जुलाई की घटना का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने इस कथित सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर जांच का हिस्सा बना लिया है। हालांकि इसकी सत्यता की पुष्टि जांच और विधिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद गुरुवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। पोस्टमार्टम के उपरांत आक्रोशित परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण उमरियापान के आजाद चौक पहुंचे, जहां उन्होंने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब तक नामजद आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। चक्काजाम के कारण कुछ समय तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उमरियापान थाना प्रभारी महेंद्र जयसवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से लगातार चर्चा की तथा उन्हें निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए और चक्काजाम समाप्त किया गया। इसके बाद पुलिस ने वाहन की व्यवस्था कर शव को अंतिम संस्कार के लिए ग्राम बारगाँव रवाना कराया।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत और उपलब्ध प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर शिकायत में नामजद सभी छह व्यक्तियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ प्रारंभ कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
मामले को लेकर एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि परिजनों द्वारा दी गई शिकायत तथा घटनास्थल से प्राप्त कथित सुसाइड नोट के आधार पर नामजद व्यक्तियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य, फॉरेंसिक परीक्षण तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी की संलिप्तता प्रमाणित होती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है। कथित सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान सहित अन्य सभी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।
बारगाँव की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में गहरी चर्चा का विषय बना दिया है। ग्रामीणों में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, वहीं परिजन निष्पक्ष जांच और आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका का निर्धारण केवल जांच में प्राप्त साक्ष्यों एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है तथा अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

