निजी स्कूलों से बढ़ा सांदीपनि विद्यालयों की ओर रुझान,वर्षाकालीन सत्र में समान नागरिक संहिता लाने की तैयारी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

 निजी स्कूलों से बढ़ा सांदीपनि विद्यालयों की ओर रुझान,वर्षाकालीन सत्र में समान नागरिक संहिता लाने की तैयारी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

कटनी के स्लीमनाबाद में झिंझरी और बहोरीबंद सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण,स्लीमनाबाद टनल परियोजना को किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा, सिंचाई और सुशासन के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त शिक्षा के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं। यही कारण है कि अब बड़ी संख्या में विद्यार्थी निजी विद्यालयों को छोड़कर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना है ताकि आर्थिक स्थिति किसी भी छात्र के भविष्य में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कटनी जिले के स्लीमनाबाद में आयोजित कार्यक्रम में झिंझरी एवं बहोरीबंद सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण अवसर पर विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, कृषि, सिंचाई, सामाजिक समरसता और प्रदेश सरकार की भावी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति संपूर्ण मानवता के कल्याण, मैत्री और समरसता का संदेश देती है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता समाज को यह प्रेरणा देती है कि अमीरी-गरीबी का भेद मिटाकर सभी के साथ आत्मीयता और सम्मान का व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर 64 कलाओं एवं 14 विद्याओं में पारंगत होकर यह सिद्ध किया कि जीवन में शिक्षा का सर्वोच्च स्थान है। इसी प्रेरणा से प्रदेश सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण कर रही है, जहां गुरुकुल की परंपरा और आधुनिक डिजिटल शिक्षा का समन्वय देखने को मिलता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिलें तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जा रहे हैं, जबकि विद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी गुरुपूर्णिमा महोत्सव पूरे प्रदेश में विशेष उत्साह के साथ मनाया जाएगा तथा शिक्षा व्यवस्था में गुरु के सम्मान की परंपरा को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने झिंझरी और बहोरीबंद क्षेत्र के लोगों को करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालयों की सौगात देते हुए कहा कि झिंझरी का विद्यालय लगभग 38 करोड़ 61 लाख रुपये तथा बहोरीबंद का विद्यालय लगभग 35 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इन विद्यालयों में आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल सुविधाएं तथा डिजिटल शिक्षा के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को भी महानगरों जैसी शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्लीमनाबाद टनल परियोजना को बघेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परियोजना भविष्य में कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदल देगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना जिलों में सिंचाई एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित होगी। लगभग 1400 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र कृषि उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की बराबरी करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अनेक ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी उसी संकल्प के साथ विकास कार्यों को गति दे रही है। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र के दमोह, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, विदिशा सहित अनेक जिलों को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा। वहीं पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से चंबल एवं मालवा क्षेत्र में भी जल संकट का स्थायी समाधान होगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शीघ्र ही कटनी में भव्य कार्यक्रम आयोजित कर स्लीमनाबाद टनल परियोजना का औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आने वाली कई पीढ़ियों के लिए विकास का आधार बनेगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश एक देश, एक विधान, एक निशान और एक कानून की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि विधानसभा के आगामी वर्षाकालीन सत्र में प्रदेश सरकार सभी धर्मावलंबियों के लिए समान नागरिक संहिता का प्रारूप प्रस्तुत करेगी। इससे पहले भोपाल के समीप स्थित जगदीशपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित कर प्रस्तावित प्रारूप को अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक पहचान वाले जगदीशपुर को उसका गौरव वापस दिलाने का कार्य भी प्रदेश सरकार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में पुनः 1500 रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने प्रदेश सरकार की शिक्षा, सिंचाई और विकास योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेज गति से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

कार्यक्रम में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, सांसद विष्णुदत्त शर्मा, विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक, संदीप जायसवाल, प्रणय प्रभात पांडे, धीरेन्द्र बहादुर सिंह, महापौर प्रीति सूरी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता मेहरा, जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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