जबलपुर के सेंट एलॉयसियस स्कूल में हंगामा,धर्म परिवर्तन के आरोपों पर प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़।

 जबलपुर के सेंट एलॉयसियस स्कूल में हंगामा,धर्म परिवर्तन के आरोपों पर प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प,मामले की जांच जारी,आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई।

मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित सेंट एलॉयसियस स्कूल में धर्म परिवर्तन के कथित आरोपों को लेकर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में स्कूल परिसर के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और कुछ प्रदर्शनकारियों ने स्कूल परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। इस दौरान स्कूल की खिड़कियों के कांच टूट गए तथा परिसर में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई।

मौके पर मौजूद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा तीखी झड़प हुई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया और कुछ समय बाद हालात सामान्य कराए।

प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा कुछ हिंदू कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था तथा ऐसा नहीं करने पर नौकरी से निकालने की चेतावनी दी गई थी। इन आरोपों को लेकर संगठनों ने स्कूल प्रशासन के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही।

दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन की ओर से इन आरोपों को लेकर अपना पक्ष भी सामने आया है। प्रबंधन का कहना है कि लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और संस्था किसी भी प्रकार की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं करती। प्रबंधन ने घटना के दौरान हुई तोड़फोड़ और संपत्ति को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें धर्म परिवर्तन से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी गंभीरता से जांच की जा रही है। साथ ही, प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़, सरकारी कार्य में बाधा तथा कानून-व्यवस्था भंग करने के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस मामले में धर्म परिवर्तन के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे अपुष्ट दावों और अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

इस घटना ने प्रदेश में एक बार फिर धर्म परिवर्तन, शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और किसी भी दोषी को कानून के दायरे से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा। वहीं स्थानीय नागरिकों की नजर अब पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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