मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लखन पटेल से वापस लिया पशुपालन विभाग,अब स्वयं संभालेंगे जिम्मेदारी।
मंत्रिमंडल के विभागों में बड़ा फेरबदल,लखन पटेल को मिला आनंद विभाग का दायित्व,राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज।
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य मंत्रिपरिषद में विभागों के पुनर्वितरण के तहत मंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस ले लिया है। अब यह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास रहेगा। वहीं, लखन पटेल को आनंद विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। विभागों के इस पुनर्गठन को सरकार की प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इस निर्णय के पीछे किसी विशेष कारण का आधिकारिक रूप से उल्लेख नहीं किया गया है।
लखन पटेल पथरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और वर्ष 2023 में राज्य सरकार के गठन के बाद उन्हें राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा वे मऊगंज जिले के प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। अब पशुपालन विभाग उनके पास नहीं रहेगा, जबकि आनंद विभाग का दायित्व उन्हें सौंपा गया है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, दुग्ध उत्पादन, पशुधन विकास तथा पशुपालकों से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों की दृष्टि से महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है। ऐसे में इस विभाग का सीधे मुख्यमंत्री के पास जाना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं इस विभाग की जिम्मेदारी संभालना सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत हो सकता है। हालांकि इस संबंध में सरकार ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। इसलिए विभाग परिवर्तन के पीछे किसी संभावित राजनीतिक कारण या अन्य अटकलों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
विभागों में हुए इस बदलाव के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष भी सरकार के इस फैसले पर नजर बनाए हुए है, जबकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि यह पूरी तरह प्रशासनिक निर्णय है और इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास पशुपालन एवं डेयरी विभाग आने के बाद इस क्षेत्र में सरकार कौन-से नए निर्णय और योजनाएं लागू करती है। वहीं, आनंद विभाग की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मंत्री लखन पटेल की कार्यशैली और विभागीय प्राथमिकताओं पर भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर रहेगी।


